अमेरिकी इतिहास का सबसे बड़ा स्टील प्लांट बनाएगा भारतीय कंपनी समूह
वॉशिंगटन, 29 सितंबर (आईएएनएस)। भारत में जन्मे रेवंत रुइया के परिवार ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ व्हाइट हाउस में आयोवा में एक नए स्टील प्लांट की योजना की घोषणा की है। रुइया ने अमेरिका में स्टील के क्षेत्र में प्रस्तावित निवेश को 'घर वापसी' जैसा बताया।
रुइया ने व्हाइट हाउस में हुए एक कार्यक्रम में कहा, "हालांकि मेरा जन्म भारत में हुआ था, लेकिन मैंने न्यूयॉर्क में हाईस्कूल और बोस्टन में कॉलेज की पढ़ाई की और कैलिफोर्निया से एमबीए किया। मैंने अपनी जिंदगी का आधा हिस्सा यहीं बिताया है, इसलिए आज इस निवेश की घोषणा करना मेरे लिए बहुत सम्मान की बात है और यह मेरे लिए सचमुच घर वापसी जैसा है।"
परिवार की योजना मिनेसोटा में मौजूद एक आयरन ओर (लौह अयस्क) खदान को दक्षिण-पूर्वी आयोवा में बनने वाले प्रस्तावित स्टील कॉम्प्लेक्स से जोड़ने की है। जब ट्रंप ने एस्सार ग्रुप के फाउंडर रवि रुइया से कुल लागत के बारे में पूछा, तो उन्होंने निवेश की रकम "लगभग 18 अरब डॉलर" बताई।
कार्यक्रम के दौरान बताए गए अन्य आंकड़े अलग-अलग थे। कॉमर्स सेक्रेटरी हॉवर्ड लटनिक ने 2.5 अरब डॉलर की खदान और 15 अरब डॉलर के स्टील प्लांट का जिक्र किया, जो कुल मिलाकर 17.5 अरब डॉलर होता है। रेवंत रुइया ने कहा कि परिवार खदान में 3 अरब डॉलर का निवेश कर रहा है। किसी ने भी इन अनुमानों में अंतर की वजह नहीं बताई।
ट्रंप ने कहा कि आयोवा प्लांट में मिनेसोटा से मिलने वाले अयस्क का इस्तेमाल करके हर साल 1 करोड़ टन स्टील का उत्पादन किया जाएगा। उन्होंने अनुमान लगाया कि इससे निर्माण कार्य में 6,000 तक और मैन्युफैक्चरिंग व माइनिंग में लगभग 2,000 नौकरियां पैदा होंगी। ये अनुमान उस प्रोजेक्ट के लिए हैं जिसमें स्टील का उत्पादन अभी शुरू होना बाकी है।
रुइया परिवार के लिए इस घोषणा ने भारत और विदेशों में खड़े किए गए उनके पारिवारिक कारोबार को ट्रंप की उस मुहिम के केंद्र में ला दिया है, जिसका मकसद अमेरिका में स्टील का उत्पादन बढ़ाना है। रवि रुइया ने कहा कि उन्होंने और उनके भाई शशि ने दशकों पहले एस्सार की शुरुआत की थी और स्टील प्लांट, रिफाइनरी, पोर्ट और बिजली संयंत्र बनाए थे।
रवि रुइया ने कहा, "अब हमने अमेरिका में अपने कारोबार का अगला बड़ा अध्याय शुरू करने का फैसला किया है।"
उन्होंने आयोवा प्लांट को एक प्रस्तावित प्रोजेक्ट बताया और कहा कि अमेरिकी स्टील इंडस्ट्री के साथ काम करते समय कंपनी अपने अनुभव का लाभ उठाएगी।
रेवंत रुइया ने कहा कि मिनेसोटा की खदान से आयोवा प्लांट को सप्लाई की जाएगी, जिसमें यूएस रेलवे और एनर्जी सेक्टर भी इस चेन का हिस्सा होंगे। उन्होंने कहा, "यह प्रोजेक्ट हमारी कंपनी और हमारे परिवार के लिए एक नया अध्याय शुरू करेगा।"
इस घोषणा के बाद लोगों के समर्थन का सवाल उठा। जब उनसे पूछा गया कि क्या इसमें सरकारी पैसा लगा है और क्या यह प्लान आयोवा में टैक्स में छूट पर निर्भर है, तो लटनिक ने कहा कि एक्सपोर्ट-इंपोर्ट बैंक ने खदान के लिए फाइनेंसिंग में मदद की है। उन्होंने कहा कि स्टील प्लांट प्राइवेट पैसे से बनाया जाएगा और बताया कि समझौता पूरा हो चुका है। ट्रांसक्रिप्ट में मिल के लिए फाइनेंसिंग की शर्तें या कंस्ट्रक्शन का शेड्यूल नहीं बताया गया।
आयोवा की गवर्नर किम रेनॉल्ड्स ने कहा कि बातचीत मुश्किल रही, लेकिन उन्होंने नौकरियों और लोकल सप्लायर्स के लिए इस प्रोजेक्ट का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि राज्य चाहता है कि आयोवा के बिजनेस को मेसाबी मेटालिक्स के साथ काम करने का मौका मिले। यह वही कंपनी है, जिसका नाम ट्रंप ने प्लांट की घोषणा करते समय लिया था।
ट्रंप ने आयोवा में बनने वाले इस प्लांट को अमेरिकी इतिहास का सबसे बड़ा स्टील प्लांट बताया। उन्होंने कहा कि कंस्ट्रक्शन से जुड़ी नौकरियां लगभग तुरंत शुरू हो जाएंगी।
एस्सार की योजनाओं से अमेरिका में स्टील बनाने के काम में अलग-अलग भूमिका निभाने वाले दो इलाके एक साथ आ रहे हैं। मिनेसोटा की आयरन रेंज एक सदी से भी अधिक समय से आयरन ओर (लौह अयस्क) की सप्लाई कर रही है, जबकि मिडवेस्ट के प्लांट अयस्क और दूसरी चीजों को मैन्युफैक्चरिंग और कंस्ट्रक्शन के लिए स्टील में बदलते रहे हैं।
इतने बड़े पैमाने के स्टील प्रोजेक्ट को अपनी तय प्रोडक्शन क्षमता तक पहुंचने के लिए कई सालों तक निर्माण, इक्विपमेंट लगाने और कमीशनिंग के काम से गुजरना पड़ता है। व्हाइट हाउस में बताए गए इन्वेस्टमेंट और रोजगार के आंकड़े अभी सिर्फ अनुमान हैं।
--आईएएनएस
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