ईंधन की ऊंची कीमतों के बाद भी भारतीय एयरलाइंस का जून में अंतरराष्ट्रीय ट्रैफिक रहा मजबूत: रिपोर्ट
नई दिल्ली, 3 अगस्त (आईएएनएस)। भारतीय एयरलाइंस के लिए अंतरराष्ट्रीय ट्रैफिक मासिक आधार पर जून में बढ़ा है। साथ ही, घरेलू पैसेंजर लोड फैक्टर भी मजबूत रहा है। यह जानकारी सोमवार को जारी एक रिपोर्ट में दी गई।
फाइनेंशियल सर्विसेज फर्म इक्विरस ने कहा कि सीजन के दौरान अधिक ट्रैफिक के बाद घरेलू ट्रैफिक में थोड़ी कमी आई, लेकिन पैसेंजर लोड फैक्टर अच्छे बने रहे, जो सेक्टर में मजबूत मांग और क्षमता के सही इस्तेमाल को दिखाते हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर होकर लगभग 95.4 पर आ गया, जिससे एयरक्राफ्ट लीजिंग, मेंटेनेंस और डॉलर में होने वाले अन्य ऑपरेटिंग खर्च बढ़ गए।
इस दौरान घरेलू एविएशन की मांग मजबूत बनी रही। जून 2026 में घरेलू पैसेंजर ट्रैफिक लगभग 13.5 मिलियन रहा, जो साल-दर-साल 1 प्रतिशत और महीने-दर-महीने 12 प्रतिशत कम है। यह गर्मियों में यात्रा के पीक सीजन के बाद आई मौसमी कमी को दिखाता है।
रेवेन्यू पैसेंजर किलोमीटर सालाना आधार पर लगभग 13.3 बिलियन पर स्थिर रहे, जबकि एयरलाइंस द्वारा क्षमता कम करने के कारण अवेलेबल सीट किलोमीटर में सालाना आधार पर 2 प्रतिशत की कमी आई।
पैसेंजर लोड फैक्टर (पीएलएफ) 85.7 प्रतिशत पर अच्छा बना रहा और इसमें सालाना आधार पर 118 आधार अंक का सुधार हुआ। इससे पता चलता है कि यात्रियों की संख्या कम होने के बावजूद एयरलाइंस ने विमानों का कुशल इस्तेमाल जारी रखा।
जून के दौरान भारतीय एयरलाइंस से विदेश जाने वाले यात्रियों की संख्या लगभग 2.4 मिलियन रही, जो मई की तुलना में 4 प्रतिशत अधिक थी, हालांकि यह पिछले साल के स्तर से कम ही रही।
पिछले महीनों में आई रुकावटों के बाद अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के धीरे-धीरे बहाल होने का संकेत देते हुए, महीने-दर-महीने उड़ान रवानगी में 6 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि क्षमता लगभग स्थिर रही।
रिपोर्ट में कहा गया कि एयरलाइन सेक्टर में अभी मिला-जुला ऑपरेटिंग माहौल है।
कंपनी ने आगे कहा, "यात्रियों की मांग अच्छी बनी हुई है, खासकर घरेलू बाजार में, जहां मौसमी कमी के बावजूद लोड फैक्टर मजबूत हैं।"
रिपोर्ट के अनुसार, एयरलाइंस को एविएशन फ्यूल की ऊंची कीमतों और करेंसी की वैल्यू घटने से दबाव का सामना करना पड़ रहा है। इन दोनों का असर निकट भविष्य में मुनाफे पर पड़ने की संभावना है।
--आईएएनएस
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