भारत ने वांटेड अभय राणा के प्रत्यर्पण में सहयोग के लिए पुर्तगाल को दिया धन्यवाद
लिस्बन, 9 मई (आईएएनएस) भारत ने शनिवार को पुर्तगाल सरकार और उसकी कानून प्रवर्तन एजेंसियों को वांछित भगोड़े अभय राणा को सफलतापूर्वक भारत प्रत्यर्पित करने में उनके सहयोग और समर्थन के लिए धन्यवाद दिया।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय के समन्वय से अभय उर्फ अभय राणा का पुर्तगाल से भारत में सफलतापूर्वक प्रत्यर्पण सुनिश्चित किया।
लिस्बन स्थित भारतीय दूतावास ने भी प्रत्यर्पण प्रक्रिया पूरी होने के बाद पुर्तगाली अधिकारियों को धन्यवाद दिया।
भारतीय दूतावास द्वारा जारी एक बयान में कहा गया, "अभय राणा पर कई गंभीर अपराधों के आरोप हैं और अब उन पर भारतीय अदालतों में मुकदमा चलेगा। यह प्रत्यर्पण भारत और पुर्तगाल के बीच द्विपक्षीय प्रत्यर्पण समझौते के तहत, इंटरपोल रेड नोटिस जारी होने के बाद किया गया।"
बयान में कहा गया, "अभय राणा की वापसी, भारत सरकार के उन निरंतर प्रयासों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिनके तहत विभिन्न विदेशी देशों में रह रहे भगोड़ों को प्रत्यर्पित करने की कोशिशें जारी हैं। इस अभियान की सफलता विदेश मंत्रालय, गृह मंत्रालय, हरियाणा पुलिस, लिस्बन स्थित भारतीय दूतावास और पुर्तगाल की विभिन्न कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच सक्रिय और निरंतर समन्वय के कारण संभव हो पाई।"
सीबीआई के अनुसार, अभय राणा के खिलाफ इंटरपोल रेड नोटिस जारी था। वह हरियाणा पुलिस द्वारा राज्य में दर्ज कई आपराधिक मामलों में वांछित था। उस पर लगाए गए आरोपों में जबरन वसूली, आपराधिक धमकी, संगठित अपराध सिंडिकेट चलाना, हत्या का प्रयास और जान से मारने की धमकी देना शामिल है।
जांचकर्ताओं ने खुलासा किया कि हरियाणा के करनाल जिले में दर्ज एक मामले में आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर कथित तौर पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से स्थानीय व्यापारियों को धमकाया और उनसे फिरौती की मांग की। जिन लोगों ने इन मांगों को पूरा नहीं किया, उन पर कथित तौर पर सिंडिकेट के सदस्यों द्वारा हमला किया गया।
जांच पूरी होने के बाद, आरोपी के खिलाफ सक्षम अदालत में आरोप पत्र (चार्जशीट) दायर किया गया।
हरियाणा पुलिस के अनुरोध पर राष्ट्रीय केंद्रीय ब्यूरो (एनसीबी)-नई दिल्ली ने आरोपी के खिलाफ इंटरपोल रेड नोटिस जारी करवाया। जब पुर्तगाली अधिकारियों ने आरोपी का पता लगाकर उसे गिरफ्तार कर लिया, तब भारत ने उसके प्रत्यर्पण के लिए औपचारिक अनुरोध प्रस्तुत किया।
उचित कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करने के बाद, पुर्तगाली अधिकारियों ने आरोपी को भारत प्रत्यर्पित करने की मंजूरी दे दी। इसके बाद हरियाणा पुलिस की एक एस्कॉर्ट टीम पुर्तगाल गई, जहां आरोपी को औपचारिक रूप से भारतीय अधिकारियों को सौंप दिया गया। आरोपी के साथ यह टीम शनिवार को नई दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंची।
भारत में इंटरपोल के लिए 'नेशनल सेंट्रल ब्यूरो' के तौर पर सीबीआई इंटरपोल चैनलों के माध्यम से सहायता के लिए 'भारतपोल' के जरिए भारत की सभी कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ समन्वय करती है। पिछले कुछ वर्षों में, इंटरपोल चैनलों के माध्यम से किए गए समन्वय की बदौलत 160 से अधिक वांछित अपराधियों को सफलतापूर्वक भारत वापस लाया गया है।
--आईएएनएस
डीएससी