भारत ने 19 पैसेंजर कोच का पहला बैच बांग्लादेश को किया सप्लाई
ढाका, 14 अगस्त (आईएएनएस)। भारत ने लगभग एक दशक बाद बांग्लादेश को पैसेंजर कोच की सप्लाई फिर से शुरू कर दी है। बांग्लादेश की मीडिया की ओर से शुक्रवार को साझा जानकारी के अनुसार, 19 नई जेनरेशन के ब्रॉड-गेज पैसेंजर कोच का पहला बैच दर्शना बॉर्डर के जरिए भेजा जा रहा है।
भारत के पंजाब के कपूरथला शहर में रेल कोच फैक्ट्री (आरसीएफ) में बने कोच बांग्लादेश रेलवे की 200 मॉडर्न पैसेंजर कोच की खरीद के तहत पहली डिलीवरी हैं।
बांग्लादेश के अखबार 'डेली सन' की एक रिपोर्ट के अनुसार, नए कोच से दक्षिण-पश्चिमी इलाके में रेल सेवाओं की दक्षता और विश्वसनीयता बढ़ने की उम्मीद है, खासकर पद्मा रेल ब्रिज से चलने वाली सेवाओं की।
19 कोच 2022 में शुरू की गई खरीद पहल के तहत पहली खेप हैं। इस पहल के तहत 200 ब्रॉड-गेज यात्री कोच खरीदे जाने हैं। इस परियोजना की अनुमानित लागत बांग्लादेशी टका 1,704.66 करोड़ है, जिसमें से लगभग 1,331 करोड़ टका यूरोपीय निवेश बैंक (ईआईबी) के ऋण से वित्त पोषित होने की उम्मीद है।
बांग्लादेश रेलवे और भारत की सरकारी कंपनी आरआईटीईएस लिमिटेड ने ढाका के रेल भवन में 200 ब्रॉड-गेज यात्री कोच खरीदने के लिए लगभग 1,205.54 करोड़ टका की लागत का समझौता किया। इस खरीद को बांग्लादेश सरकार और यूरोपीय निवेश बैंक संयुक्त रूप से वित्त पोषित कर रहे हैं।
बांग्लादेशी मीडिया डेली सन ने बताया, "समझौते के तहत आरआईटीईएस न केवल कोचों की आपूर्ति के लिए जिम्मेदार है, बल्कि डिजाइन, स्पेयर पार्ट्स और प्रशिक्षण से जुड़ी तकनीकी सहायता भी देगी। अनुबंध में आपूर्ति और कमीशनिंग के लिए 36 महीने का समय तय किया गया है, जिसके बाद 24 महीने की वारंटी अवधि होगी। हालांकि, परियोजना को मंजूरी मिलने के तुरंत बाद खरीद प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। मार्च 2022 में परियोजना की मंजूरी और मई 2024 में अनुबंध पर हस्ताक्षर के बीच दो साल से ज्यादा का समय बीत गया।"
इसमें आगे बताया गया, "लंबी प्रक्रिया के बाद, आरसीएफ कपूरथला ने अब 19 कोच का पहला बैच बना लिया है। इस कंसाइनमेंट में तीन एसी स्लीपर कोच, तीन एसी चेयर कार, 11 नॉन-एसी चेयर कार और दो पावर कार शामिल हैं।"
यह नया शिपमेंट भारतीय पैसेंजर कोच सप्लाई की बांग्लादेश वापसी को दिखाता है। भारत की तरफ से 2015-16 में बांग्लादेश रेलवे को 120 कोच डिलीवर किए गए थे।
रिपोर्ट के मुताबिक, बांग्लादेश रेलवे कई सालों से पुराने पैसेंजर कोच के बेड़े से जूझ रहा है। रिपोर्ट में बताया गया है कि 200 नए कोच खरीदने का मकसद पुराने स्टॉक को बदलना, पैसेंजर सुविधा और रेल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना है।
--आईएएनएस
केके/एबीएम