भारत ने भूटान को सौंपे 290 करोड़, 13वीं पंचवर्षीय योजना की परियोजनाओं को मिलेगी रफ्तार
थिम्पू, 13 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारत ने भूटान की 13वीं पंचवर्षीय योजना के तहत चल रही कई विकास परियोजनाओं के लिए अपनी प्रतिबद्धता के तहत 290 करोड़ रुपए (आईएनआर/नू. 2.90 अरब) की राशि भूटान के वित्त मंत्रालय को सौंपी है। इसकी जानकारी मंगलवार को थिम्फू स्थित भारतीय दूतावास ने दी।
भारत और भूटान के बीच भूटान की 13वीं पंचवर्षीय योजना के तहत 19वीं मासिक समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में भारत की मदद से भूटान में चल रही विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति और आगे की कार्ययोजना पर चर्चा हुई।
बैठक के दौरान भारतीय पक्ष ने भूटान के वित्त मंत्रालय को 290 करोड़ रुपए के चेक सौंपे। यह राशि 13वीं पंचवर्षीय योजना के तहत विभिन्न परियोजनाओं के लिए भारत सरकार की वित्तीय सहायता का हिस्सा है।
भारतीय दूतावास के अनुसार, बैठक में भारतीय मिशन और भूटान की शाही सरकार (आरजीओबी) के अधिकारियों ने हिस्सा लिया। भारत ने भूटान के साथ अपने सहयोग और समन्वय को आगे भी जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई।
इस सहायता से जिन परियोजनाओं को समर्थन मिलेगा, उनमें रॉयल यूनिवर्सिटी ऑफ भूटान (आरयूबी) के कॉलेजों में आधुनिक और बेहतर बुनियादी ढांचे का विकास, मानव संसाधन विकास और कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम, शिक्षकों और छात्रों के लिए प्रशिक्षण एवं विनिमय कार्यक्रम तथा फसलों की सुरक्षा के लिए चेन-लिंक फेंसिंग के दूसरे चरण के काम शामिल हैं।
इसके अलावा, फुएंटशोलिंग स्पोर्ट्स एसोसिएशन मैदान के पुनर्विकास, थिम्फू में राष्ट्रीय मौसम एवं बाढ़ चेतावनी केंद्र और वैज्ञानिक सुविधाओं की स्थापना तथा आरयूबी के आठ कॉलेजों में पढ़ाई के लिए डिजिटल तकनीक शुरू करने जैसी परियोजनाओं को भी सहायता दी जाएगी।
फंडिंग के तहत डिजिटल स्किलिंग प्रोग्राम को भी शामिल किया गया है। इसके लिए 8.83 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं, जिससे देशभर के सभी गेवोग (स्थानीय प्रशासनिक क्षेत्रों) में लगभग 10 लाख लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
सहायता राशि का उपयोग थिम्फू स्थित रॉयल इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट के बुनियादी ढांचे के विकास, थिम्फू जिला न्यायालय के निर्माण और गेलेफू जनरल अस्पताल के नवीनीकरण के लिए भी किया जाएगा।
बैठक में 30 जुलाई को दोनों देशों के विदेश सचिवों के नेतृत्व में हुई पांचवीं योजना वार्ता और 16-17 सितंबर को विदेश मंत्री एस. जयशंकर की भूटान यात्रा के दौरान हुई बैठकों का भी उल्लेख किया गया। दोनों पक्षों ने भूटान की 13वीं पंचवर्षीय योजना के तहत भारत की सहायता और चल रही परियोजनाओं की प्रगति की सराहना की। साथ ही विभिन्न परियोजनाओं के कार्यान्वयन की समीक्षा भी की गई।
समीक्षा की गई परियोजनाओं में प्रमुख राजमार्ग पुलों का पुनर्निर्माण, 11 नए पुलों का निर्माण, 37 केंद्रीय और क्लस्टर स्कूलों का उन्नयन, सरकारी उपयोग के लिए 100 इलेक्ट्रिक कारों और सार्वजनिक परिवहन के लिए 45 इलेक्ट्रिक बसों की खरीद तथा थिम्फू में दो स्थानों पर सभी मंत्रालयों के लिए नए सरकारी कार्यालयों का निर्माण शामिल है।
बैठक में भारत की सहायता से चल रही सौर और पवन ऊर्जा परियोजनाओं का भी आकलन किया गया। इसके अलावा, मल्टी-डिसिप्लिनरी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल (एमडीएसएसएच) परियोजना की प्रगति की समीक्षा की गई। इस परियोजना में 200 बिस्तरों वाला कैंसर अस्पताल और 430 बिस्तरों वाली इनडोर-आउटडोर चिकित्सा सुविधा शामिल है, जिसे जिग्मे दोर्जी वांगचुक नेशनल रेफरल हॉस्पिटल और थिम्फू जनरल हॉस्पिटल से जोड़ा गया है।
--आईएएनएस
एवाई/एबीएम