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एशियन गेम्स 2026 में भारत 85 पदकों के साथ चौथे स्थान पर, कई ऐतिहासिक उपलब्धियां दर्ज

 

आइची-नागोया, 3 अक्टूबर (आईएएनएस)। क्रिकेट और हॉकी में दो स्वर्ण पदक जीतने के साथ-साथ तीरंदाजी, मुक्केबाजी और एथलेटिक्स में शानदार प्रदर्शन के दम पर भारत ने एशियन गेम्स 2026 का अभियान पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहते हुए समाप्त किया। भारत ने कुल 85 पदक जीते, हालांकि वह तीन साल पहले हांगझोउ में बनाए गए अपने रिकॉर्ड पदक आंकड़े को पीछे नहीं छोड़ सका।

महाद्वीपीय बहु-खेल प्रतियोगिता के 20वें संस्करण में करीब 500 भारतीय खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। भारत ने 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य पदक अपने नाम किए।

भारत का 85 पदकों का आंकड़ा एशियन गेम्स में उसका अब तक का दूसरा सबसे बड़ा पदक-प्रदर्शन है। हांगझोउ 2023 में करीब 650 खिलाड़ियों के दल ने रिकॉर्ड 106 पदक जीते थे, जिसमें 28 स्वर्ण, 38 रजत और 40 कांस्य पदक शामिल थे।

आइची-नागोया में एथलेटिक्स भारत के लिए सबसे ज्यादा पदक दिलाने वाला खेल रहा, जिसमें 24 पदक मिले। निशानेबाजी में भारत ने 15 पदक जीते, जिनमें तीन स्वर्ण शामिल हैं। स्वर्ण पदकों के मामले में तीरंदाजी सबसे आगे रही, जहां भारत ने पांच स्वर्ण पदक जीते। मुक्केबाजी में भी भारत ने तीन स्वर्ण अपने नाम किए।

मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा। वह 2014 इंचियोन एशियन गेम्स में मैरी कॉम के बाद एशियन गेम्स में स्वर्ण जीतने वाली दूसरी भारतीय महिला मुक्केबाज बनीं। कुश्ती में अमन सहरावत और सुजीत कलकल ने स्वर्ण पदक जीते।

टीम खेलों में भी भारत का प्रदर्शन शानदार रहा। भारतीय पुरुष और महिला क्रिकेट टीमों ने अपने खिताब का बचाव किया। पुरुष टीम ने फाइनल में पाकिस्तान और महिला टीम ने श्रीलंका को हराकर स्वर्ण पदक जीता। पुरुष और महिला कबड्डी टीमों ने भी स्वर्ण पदक हासिल किए। भारतीय महिला हॉकी टीम ने 44 साल का इंतजार खत्म करते हुए एशियन गेम्स का खिताब अपने नाम किया।

जापान में कई भारतीय खिलाड़ियों ने नए रिकॉर्ड और ऐतिहासिक उपलब्धियां भी दर्ज कीं।

प्रणवी उर्स एशियन गेम्स में गोल्फ का स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। वहीं 17 वर्षीय कुमकुम महोद एशियन गेम्स में व्यक्तिगत रिकर्व स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं।

कुमकुम ने अंकिता भक्त और कीर्ति शर्मा के साथ महिला रिकर्व टीम स्पर्धा में भी स्वर्ण पदक जीता। यह एशियन गेम्स में भारतीय महिलाओं का टीम रिकर्व वर्ग का पहला स्वर्ण रहा।

भारत की नीरू धांडा ने महिला ट्रैप स्पर्धा में प्रतियोगिता का पहला व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीता। कुमकुम और सुरूची सिंह ने मिश्रित टीम 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में स्वर्ण जीतकर एशियाई रिकॉर्ड की बराबरी की।

एथलेटिक्स में विथ्या रामराज ने महिलाओं की 400 मीटर बाधा दौड़ में 42 साल पुराना राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ते हुए कांस्य पदक जीता। पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा में यशवीर सिंह ने रजत और रोहित यादव ने कांस्य पदक जीता। नीरज चोपड़ा चोट के कारण इन खेलों में हिस्सा नहीं ले सके।

सावन बरवाल ने मैराथन में 1982 के बाद भारत को पहला पदक दिलाया और इसी दौरान राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी बनाया। सरवेश कुशारे ने पुरुषों की हाई जंप में भारत के 56 साल के पदक सूखे को खत्म किया। बरानिका एलंगोवन एशियन गेम्स में पदक जीतने वाली पहली भारतीय पोल वॉल्टर बनीं।

भारत ने कई अन्य खेलों में भी पहली बार पदक जीते। सुचिका तारियाल ने मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स में एशियन गेम्स में भारत का पहला पदक हासिल किया, जबकि जय मीणा ने सॉफ्ट टेनिस में सेमीफाइनल में पहुंचकर देश को इस खेल में पहला पदक दिलाया।

मीराबाई चानू ने महिलाओं के 49 किलोग्राम भार वर्ग में रजत पदक जीता। यह एशियन गेम्स में उनका पहला पदक था और इसके साथ ही भारत ने 1998 बैंकॉक एशियन गेम्स के बाद पहली बार भारोत्तोलन में पदक हासिल किया। रोशिबिना देवी ने वुशु में लगातार तीसरा महाद्वीपीय पदक जीता। वहीं सीमा कुमारी ने महिलाओं की 10,000 मीटर स्पर्धा में 16 साल के पदक सूखे को समाप्त किया।

अनाहत सिंह ने एशियन गेम्स के एकल वर्ग में रजत पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनकर इतिहास रचा। अनाहत सिंह और अभय सिंह दोनों अपने-अपने एकल फाइनल में हारकर स्वर्ण पदक से चूक गए।

भारत ने 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक के लिए तीरंदाजी और हॉकी में कोटा भी हासिल किया। आइची-नागोया में सात खेलों- तीरंदाजी, हॉकी, नौकायन, स्क्वैश, सर्फिंग, टेनिस और ट्रायथलॉन में ओलंपिक कोटा दांव पर थे।

भारत ने पुरुष और महिला हॉकी के साथ-साथ तीरंदाजी की मिश्रित टीम कंपाउंड और महिला व्यक्तिगत रिकर्व स्पर्धाओं में कोटा हासिल कर अपने एशियन गेम्स अभियान को ओलंपिक से भी जोड़ दिया।

भारत का सबसे शानदार प्रदर्शन शुक्रवार को रहा, जब उसने छह स्वर्ण समेत कुल 12 पदक जीते। शनिवार को प्रतियोगिता के 17वें और अंतिम से एक दिन पहले भारत ने नौ पदक हासिल किए। इनमें क्रिकेट और हॉकी के स्वर्ण शामिल थे। व्यक्तिगत स्पर्धाओं में अमन सहरावत, कुमकुम अनिल महोद और गोल्फर प्रणवी उर्स ने स्वर्ण पदक जीते।

पुरुष क्रिकेट टीम ने फाइनल में पाकिस्तान को 19 रन से हराकर स्वर्ण पदक बरकरार रखा। कुमकुम अनिल महोद ने महिला व्यक्तिगत रिकर्व में भारत का पहला स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा। अमन सहरावत ने कुश्ती में स्वर्ण, अंतिम पंघाल ने रजत और दीपक पूनिया ने कांस्य पदक जीता।

प्रणवी शरत उर्स ने महिला व्यक्तिगत गोल्फ में स्वर्ण जीतकर इतिहास रचा, जबकि भारतीय महिला टीम ने रजत पदक हासिल किया। नीरज चौहान ने कांस्य पदक जीतकर गोल्फ में भारत के लिए ऑल-इंडियन पोडियम भी पूरा किया।

इस तरह भारत ने हांगझोउ के रिकॉर्ड प्रदर्शन के मुकाबले कम पदक जीते, लेकिन आइची-नागोया में कई ऐतिहासिक प्रथम, राष्ट्रीय रिकॉर्ड, खिताबों का सफल बचाव और ओलंपिक कोटा हासिल करने जैसी उपलब्धियों के साथ अपना अभियान समाप्त किया।

--आईएएनएस

डीएससी