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दिल्ली में इंडिया ब्लॉक का प्रदर्शन, मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग

 

भुवनेश्वर, 11 अक्टूबर (आईएएनएस)। ओडिशा में कांग्रेस के नेतृत्व वाले इंडिया ब्लॉक के नेताओं ने रविवार को भुवनेश्वर के लोअर पीएमजी में प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने 10 अक्टूबर को दिल्ली में विपक्षी प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कथित ज्यादतियों की निंदा की। उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं के आरोप में मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को बर्खास्त करने की मांग की।

प्रदर्शन में शामिल वरिष्ठ कांग्रेस नेता संतोष सिंह सलूजा ने आरोप लगाया कि दिल्ली में पुलिसकर्मियों ने महिला प्रदर्शनकारियों के साथ दुर्व्यवहार किया और इस घटना को लोकतंत्र में अस्वीकार्य बताया।

एसआईआर प्रक्रिया और फॉर्म 6 आवेदनों के संबंध में चुनाव आयोग के रवैये पर सवाल उठाते हुए सलूजा ने दावा किया कि छह महीनों में देश भर में लगभग 13 करोड़ मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। उन्होंने चुनावी पारदर्शिता और नागरिकों के मतदान अधिकारों की रक्षा की आवश्यकता पर जोर दिया।

इंडिया ब्लॉक की संयुक्त रैली मास्टर कैंटीन स्क्वायर से शुरू हुई और लोअर पीएमजी की ओर बढ़ी, जहां प्रतिभागियों ने प्रदर्शन किया और विरोध बैठक आयोजित की।

सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने आरोप लगाया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने युद्ध जैसी स्थिति पैदा कर दी है। उन्होंने 10 अक्टूबर के विरोध प्रदर्शन को दबाने के लिए दिल्ली को लगभग एक सैन्य शिविर में बदल दिया है। उन्होंने दावा किया कि पुलिस ने राजनीतिक दलों के कार्यालयों को घेर लिया है, सड़कों पर बैरिकेड लगा दिए हैं, और ट्रेन, मेट्रो और हवाई मार्ग से राजधानी पहुंचने वाले लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने कई स्थानों पर लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया, जिसमें छात्रों, जन संगठनों के सदस्यों और राजनीतिक नेताओं सहित 7,000 से अधिक लोगों को गिरफ्तार कर हिरासत में लिया गया। वक्ताओं ने आगे आरोप लगाया कि कुमार की मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में नियुक्ति के बाद बिहार, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में एसआईआर प्रक्रिया का दुरुपयोग किया गया है।

इंडिया ब्लॉक के नेताओं ने कुमार को बर्खास्त करने, एसआईआर के दौरान मतदाता सूची से हटाए गए नामों को बहाल करने और प्रधानमंत्री, विपक्ष के नेता और भारत के मुख्य न्यायाधीश को मिलाकर चुनाव आयुक्तों के लिए पूर्व निर्धारित चयन प्रक्रिया को बहाल करने की मांग की।

उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) के स्थान पर मतपत्रों को पुनः लागू करने की भी मांग की। नेताओं ने कहा कि जब तक उनकी चारों मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक राष्ट्रव्यापी आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने 12 अक्टूबर को दिल्ली में एक विशाल रैली की घोषणा भी की।

--आईएएनएस

एमएस/