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भारत-ऑस्ट्रिया रणनीतिक संबंधों में सुरक्षा-रक्षा सहयोग अहम: जयशंकर

 

नई दिल्ली, 28 अक्टूबर (आईएएनएस)। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बुधवार को ऑस्ट्रिया के चांसलर क्रिश्चियन स्टॉकर की इस वर्ष अप्रैल में हुई भारत यात्रा को याद किया। उन्होंने कहा कि वे और उनकी ऑस्ट्रियाई समकक्ष बीट मेनल-रीसिंगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रियाई नेता के बीच हुई बैठक के बाद हुए समझौतों और सहमति की प्रगति की समीक्षा करेंगे।

विदेश मंत्री जयशंकर ने बुधवार को नई दिल्ली में रीसिंगर के साथ हुई बैठक के आरंभिक संबोधन में अतिथि प्रतिनिधिमंडल का हार्दिक स्वागत किया और कहा कि भारत और ऑस्ट्रिया के बीच सौहार्दपूर्ण और मैत्रीपूर्ण संबंध हैं।

विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि अप्रैल में चांसलर का दौरा हुआ था और यह एक बेहद फलदायी दौरा था। मुझे लगता है कि आज हमारे पास उस समय हुए समझौतों और सहमति की प्रगति की समीक्षा करने का अवसर है। ये विश्व के लिए वाकई जटिल समय है और यह स्वाभाविक है कि भारत और ऑस्ट्रिया, जिनके बीच इतने सौहार्दपूर्ण और मैत्रीपूर्ण संबंध हैं, इन मुद्दों पर चर्चा करें और देखें कि हम मिलकर अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा में कैसे योगदान दे सकते हैं।

उन्होंने ऑस्ट्रिया को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) का अस्थायी सदस्य बनने पर बधाई दी और उल्लेख किया कि भारत और ऑस्ट्रिया विज्ञान और प्रौद्योगिकी, जलवायु मुद्दों और जन-संबंधों में सहयोग को और मजबूत कर रहे हैं। विदेश मंत्रालय (एमईए) में सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज और अन्य अधिकारी भी बैठक में उपस्थित थे।

विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि मैं इस अवसर पर आपको संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का अस्थायी सदस्य बनने पर बधाई देना चाहता हूं। संयुक्त राष्ट्र के ढांचे में सहयोग का हमारा लंबा इतिहास रहा है। जाहिर है, हम इसे जारी रखना चाहेंगे। आर्थिक सहयोग के मामले में, यह अच्छा चल रहा है, लेकिन इसमें और सुधार की गुंजाइश है।

उन्होंने आगे कहा कि मुझे लगता है कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी, जलवायु संबंधी मुद्दों और यूरोपीय संघ के व्यापक संदर्भ में भी लोगों के बीच आपसी संबंध गहरे हो रहे हैं, जिनके साथ हमारे संबंध और भी मजबूत हुए हैं। हम आने वाले महीनों में मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के लागू होने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। हमारी सुरक्षा और रक्षा साझेदारी आगे बढ़ रही है। इसलिए, मुझे लगता है कि हमारे सामने एक बड़ा एजेंडा है।

--आईएएनएस

एमएस/