भारत-फिलीपींस ने रणनीतिक साझेदारी और आसियान सहयोग पर की चर्चा
मनीला, 8 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत के विदेश मंत्रालय (एमईए) के ईस्टर्न सेक्रेटरी पेरियासामी कुमारन ने गुरुवार को मनीला में फिलीपींस की विदेश सचिव मारिया थेरेसा पी. लजारो से मुलाकात की। इस दौरान दोनों देशों के रणनीतिक साझेदारी और भारत के दक्षिणपूर्व एशियाई राष्ट्र संघ (आसियान) के समर्थन पर बातचीत हुई।
फिलीपींस की विदेश सचिव लजारो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पोस्ट में लिखा, “मनीला में 28वें आसियान-भारत वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक के लिए आए भारत के विदेश मंत्रालय (ईस्ट) के सेक्रेटरी पेरियासामी कुमारन से मिलकर खुशी हुई। हमने फिलीपींस-भारत रणनीतिक साझेदारी और भारत के आसियान के सक्रिय समर्थन पर संक्षिप्त लेकिन उत्पादक बातचीत की।”
भारत और फिलीपींस ने नवंबर 1949 में औपचारिक कूटनीतिक संबंध स्थापित किए थे, जब दोनों ही देश स्वतंत्र हुए थे। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, दोनों देशों के बीच संबंध दोस्ताना हैं और कई समान मूल्यों पर आधारित हैं, जैसे कि लोकतंत्र, बहुलतावादी समाज, कानून का शासन, स्वतंत्र न्यायपालिका, मुक्त प्रेस और अंग्रेजी भाषा का व्यापक उपयोग।
इस बीच, मनीला में हुई आसियान सीनियर ऑफिशियल्स की मीटिंग (एसओएम) में फिलीपींस की चेयरशिप प्रायोरिटीज और आसियान कम्युनिटी-बिल्डिंग को आगे बढ़ाने के लिए डिलिवरेबल्स पर चर्चा जारी रही, जिसमें आसियान के बाहरी रिश्तों को मजबूत करने के तरीके और मई 2026 में 48वें आसियान समिट की तैयारी शामिल है। इसमें आसियान सदस्य देशों के एसओएम नेता या उनके प्रतिनिधि और आसियान राजनीतिक-सुरक्षा समुदाय के डिप्टी सेक्रेटरी-जनरल ने भाग लिया।
ऑफिशियल बयान के मुताबिक, आसियान की स्थापना 1967 में थाईलैंड में हुई थी, जब आसियान के फाउंडिंग फादर्स: इंडोनेशिया, मलेशिया, फिलीपींस, सिंगापुर और थाईलैंड ने आसियान डिक्लेरेशन (बैंकॉक डिक्लेरेशन) पर साइन किए थे। ब्रुनेई दारुस्सलाम जनवरी 1984 में आसियान में शामिल हुआ, उसके बाद जुलाई 1995 में वियतनाम, जुलाई 1997 में लाओस और म्यांमार, अप्रैल 1999 में कंबोडिया और अक्टूबर 2025 में तिमोर-लेस्ते शामिल हुए, जिससे आज आसियान के 11 मेंबर देश बन गए हैं।
--आईएएनएस
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