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गुजरात ने दिखाया एंटी-इनकंबेंसी सरकार के समर्थन में बदल सकती है, पीएम मोदी ने सीएम पटेल को लिखा पत्र

 

गांधीनगर, 1 मई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को गुजरात के 66वें स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को लिखे पत्र में कहा कि गुजरात ने देश को दिखाया है कि राजनीति में एंटी-इनकंबेंसी (सरकार के खिलाफ माहौल) अब प्रो-इनकंबेंसी (सरकार के समर्थन) में बदल सकती है। उन्होंने कहा कि विकास पर काम करने वाली सरकारों को गुजरात में लगातार जनता का समर्थन मिला है।

प्रधानमंत्री ने राज्य के लोगों को गुजरात स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं और कहा कि हाल ही में हुए स्थानीय निकाय चुनावों के कारण इस बार का स्थापना दिवस खास है।

उन्होंने लिखा, ''गुजरात में आए चुनावी नतीजे इस बात का साफ संकेत हैं कि आपकी सरकार ने जनता के हित में राज्य के विकास के लिए जो काम किया है, उसे लोगों ने मंजूरी दी है।''

राजनीतिक रुझानों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ''राजनीति में अक्सर यह नकारात्मक बात कही जाती है कि सरकारों के खिलाफ एंटी-इनकंबेंसी बढ़ रही है, लेकिन गुजरात ने पूरे देश को दिखा दिया है कि यह रुझान अब प्रो-इनकंबेंसी में बदल गया है।''

उन्होंने कहा कि 1995 से उनकी पार्टी को लगातार जनता का समर्थन मिलता रहा है। इसका कारण उन्होंने जनता की उम्मीदों के अनुसार लगातार काम करना बताया। उन्होंने कहा कि इसी समर्थन ने राजनीतिक स्थिरता दी, जो विकास के लिए बहुत जरूरी है।

प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात राज्य के गठन और महा गुजरात आंदोलन में योगदान देने वालों को श्रद्धांजलि भी दी। उन्होंने कहा, ''उनके प्रयास आज भी प्रेरणा देते हैं और यह दिन उनके योगदान को याद करते हुए नए संकल्प लेने का अवसर है।''

उन्होंने गुजरात को 'विविधताओं की धरती' बताया, जहां परंपरा और आधुनिकता के साथ उद्यमिता की मजबूत भावना भी है। उन्होंने कहा कि देश में सबसे ज्यादा मैन्युफैक्चरिंग क्षमता गुजरात में है।

उन्होंने कहा, ''हर गुजराती को गर्व है कि गुजरात का नाम देश के हर कोने तक पहुंचा है।''

प्रधानमंत्री ने गुजरात की मजबूती का उदाहरण देते हुए सोमनाथ मंदिर का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बार-बार टूटने के बावजूद मंदिर हर बार फिर से बना और आज आस्था और संस्कृति का प्रतीक बनकर खड़ा है।

उन्होंने कहा कि वह सोमनाथ मंदिर के पुनः प्राण प्रतिष्ठा के 75 साल पूरे होने के मौके पर गुजरात आएंगे।

प्रधानमंत्री ने माना कि गुजरात ने भी चुनौतियों का सामना किया। उन्होंने कहा कि 1990 के दशक के अंत और 2000 के शुरुआती वर्षों में राजनीतिक अस्थिरता और सामाजिक तनाव ने विकास को प्रभावित किया था।

उन्होंने कहा, ''तब कहा जाता था कि यह राज्य फिर कैसे उठेगा, लेकिन गुजरात की जनता ने हिम्मत से चुनौतियों का सामना किया और इसे गलत साबित कर दिया।''

उन्होंने कहा कि आज गुजरात भारत की आर्थिक वृद्धि में अहम योगदान दे रहा है और कृषि समेत कई क्षेत्रों में नवाचार के लिए देश और दुनिया में पहचान बना चुका है।

विकास और बुनियादी ढांचे का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि रिन्यूएबल और सोलर एनर्जी जैसे क्षेत्र आज दुनिया में चर्चा का विषय हैं और गुजरात ने इस दिशा में बहुत पहले ही दूरदर्शी सोच अपनाई थी।

उन्होंने पानी और सिंचाई परियोजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि 2014 के बाद इस क्षेत्र में बड़े फैसले लिए गए, लंबे समय से रुकी परियोजनाएं पूरी की गईं और 2019 में सरदार सरोवर बांध अपनी पूरी ऊंचाई तक पहुंचा। उन्होंने कहा कि कच्छ और सौराष्ट्र तक नर्मदा का पानी पहुंचाने के प्रयासों के हाल के वर्षों में बहुत अच्छे नतीजे मिले हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने भी गुजरात में कई अहम परियोजनाओं को समर्थन दिया। इनमें वंदे भारत ट्रेन, बुलेट ट्रेन परियोजना, अहमदाबाद मेट्रो, राजकोट एयरपोर्ट और तरंगा हिल-अंबाजी-अबू रोड रेल लाइन शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इनसे व्यापार और कनेक्टिविटी दोनों मजबूत हुए हैं।

मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में उन्होंने कहा कि ‘मेक इन इंडिया’ में गुजरात का बड़ा योगदान है। वडोदरा में सी-295 विमान निर्माण सुविधा और दाहोद में रेल कोच निर्माण परियोजना इसका उदाहरण हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की सबसे लंबी समुद्री तटरेखा गुजरात के पास है और पोर्ट आधारित विकास को मजबूत करने के लिए बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि भावनगर को कंटेनर टर्मिनल के रूप में विकसित करने की योजना है। साथ ही मछुआरों को किसान क्रेडिट कार्ड और तकनीकी सुविधाएं देकर उन्हें मजबूत किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि हाल के महीनों में वह खुद यहां दो बार सेमीकंडक्टर प्लांट के उद्घाटन के लिए आए हैं।

उन्होंने कहा कि सूरत हीरा और आभूषण क्षेत्र में दुनिया का बड़ा पॉलिशिंग हब है। वहीं जामनगर में ग्लोबल सेंटर फॉर ट्रेडिशनल मेडिसिन गुजरात को वेलनेस और पारंपरिक चिकित्सा के क्षेत्र में नई पहचान देगा।

सुशासन और जनसंपर्क का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि डिजिटलीकरण से सरकारी क्षमता बढ़ी है और करोड़ों लोगों, खासकर छोटे व्यापारियों, को ताकत मिली है। उन्होंने कहा कि सहकारिता मंत्रालय बनने से सहकारी क्षेत्र को और मजबूती मिलेगी।

उन्होंने गुजरात के डेयरी उत्पादों को दुनियाभर में पहुंचाने की प्रतिबद्धता भी जताई। उन्होंने कहा कि गुजरात की ऐतिहासिक धरोहर को सहेजना भी साझा प्राथमिकता है। उन्होंने वडनगर में संग्रहालय और नेशनल मैरीटाइम हेरिटेज कॉम्प्लेक्स जैसी परियोजनाओं का जिक्र किया।

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने प्रधानमंत्री के संदेश के लिए उनका आभार जताया। उन्होंने कहा, ''गुजरात राज्य स्थापना दिवस पर आपके प्रेरणादायक संदेश के लिए मैं हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।''

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का गुजरात से गहरा जुड़ाव और ‘विकसित भारत’ का विजन राज्य को लगातार नई दिशा और ऊर्जा दे रहा है।

भूपेंद्र पटेल ने कहा, ''आपके मार्गदर्शन में गुजरात ने बुनियादी ढांचे, उद्योग, कृषि, शिक्षा और जनकल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं और देश में एक आदर्श राज्य के रूप में पहचान बनाई है।''

--आईएएनएस

एएमटी/वीसी