युवाओं को मानवता और निस्वार्थ सेवा से जुड़ना चाहिए : नायब सिंह सैनी
चंडीगढ़, 27 जुलाई (आईएएनएस)। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को कहा कि संतों और आध्यात्मिक गुरुओं का जीवन समाज के लिए प्रेरणा का एक सदाबहार स्रोत है।
उन्होंने कहा, "उनके आदर्श मानवता, निस्वार्थ सेवा, सामाजिक सद्भाव और राष्ट्र-निर्माण को बढ़ावा देते हैं। युवा पीढ़ी को इन मूल्यों से जोड़ना बहुत जरूरी है ताकि समाज में सद्भाव, नैतिक आचरण और सांस्कृतिक मूल्यों की भावना और मज़बूत हो सके।"
मुख्यमंत्री जींद जिले के उझाना गांव में श्री श्री 1008 सिद्ध बाबा खाक नाथ-जी महाराज के नवनिर्मित समाधि स्थल पर मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा समारोह को संबोधित कर रहे थे। रोहतक में मठ अस्थल बोहर के प्रमुख महंत बालक नाथ भी इस समारोह में शामिल हुए।
निवासियों की मांगों पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री ने उझाना में एक सामुदायिक केंद्र के निर्माण के लिए 1 करोड़ रुपए और गांव में अन्य विकास कार्यों के लिए 51 लाख रुपए देने की घोषणा की।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि ग्रामीणों की मांगों के अनुसार सड़क निर्माण, गांव के तालाब का जीर्णोद्धार, जल निकासी का स्थायी समाधान और गांव के स्कूल में विज्ञान संकाय (साइंस स्ट्रीम) शुरू करने का काम किया जाएगा।
मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि एक महान आध्यात्मिक व्यक्तित्व की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि जीवन में भक्ति स्थापित करने, आचरण में सत्य को अपनाने, व्यवहार में करुणा विकसित करने और सेवा व सामाजिक सद्भाव के मूल्यों को बनाए रखने का संकल्प है।
उन्होंने खुशी जाहिर की कि पवित्र उझाना मठ लगभग 600 वर्षों से लाखों भक्तों के लिए आस्था का केंद्र रहा है और कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी समृद्ध आध्यात्मिक परंपरा में निहित है।
उझाना धाम द्वारा संचालित गोशाला की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गौशाला भारतीय संस्कृति में निहित करुणा और संवेदनशीलता का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा, "भारतीय परंपरा में, गायों की सेवा न केवल धार्मिक आस्था का विषय है, बल्कि एक सांस्कृतिक जिम्मेदारी भी है।"
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रकृति और गो माता की रक्षा और सम्मान करने की संस्कृति भारत को 'विश्व गुरु' बनने के अपने विजन को साकार करने में मदद करेगी।
--आईएएनएस
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