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सोमनाथ मंदिर की 75वीं वर्षगांठ पर भारतीय वायुसेना करेगी 'सूर्य किरण एयर शो', एरोबेटिक फॉर्मेशन में उड़ान भरेंगे प्लेन

 

नई दिल्ली, 11 मई (आईएएनएस)। सोमनाथ मंदिर की 75वीं वर्षगांठ पर भारतीय वायुसेना की सूर्य किरण एरोबेटिक टीम (एसकेएटी) अपनी शक्ति का प्रदर्शन करेगी। इस एयर शो में छह हॉक एमके-132 विमान ऐतिहासिक मंदिर परिसर के ऊपर एरोबेटिक फॉर्मेशन में उड़ान भरेंगे।

विंग कमांडर जनमीत शर्मा ने कहा कि यह एयर शो 11 मई को सुबह 11 बजे प्रधानमंत्री की उपस्थिति में किया जाएगा। उन्होंने कहा, "छह हॉक एमके-132 विमान इस अभ्यास में हिस्सा लेंगे, जो सोमनाथ में एसकेएटी के निर्धारित प्रदर्शन का हिस्सा होंगे।"

टीम की कमेंटेटर, फ्लाइट लेफ्टिनेंट कंवल संधू ने कहा कि यह एयर शो सोमनाथ मंदिर के ऊपर अपनी तरह का पहला प्रदर्शन होगा, जिसमें ग्रुप कैप्टन दशरथी के नेतृत्व में छह विमान समन्वित हवाई अभ्यास में हिस्सा लेंगे। उन्होंने आगे बताया कि पायलटों की ट्रेनिंग हॉक विमानों पर होती है, जो आपातकालीन और युद्ध की स्थितियों में, यहां तक कि मुश्किल इलाकों और युद्ध के समय में भी ऑपरेशनल तैनाती के काबिल हैं।

इस टीम में 13 प्रशिक्षित पायलट शामिल हैं और इसका नेतृत्व ग्रुप कैप्टन अजय दशरथी कर रहे हैं, जो एक सुखोई-30 एमकेआई के पायलट हैं। वहीं, डिप्टी लीडर के रूप में विंग कमांडर तेजेश्वर सिंह कार्यरत हैं। ये पायलट टीम के आदर्श वाक्य "सदैव सर्वोत्तम" के तहत काम करते हैं, जिसका अर्थ है 'हमेशा सर्वश्रेष्ठ'। इस एयर शो के दौरान ये विमान 800 से 900 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ान भरेंगे।

इस कार्यक्रम की शुरुआत सभी छह विमानों के एक साथ उड़ान भरने से होगी, जिसके बाद वे अलग-अलग टुकड़ियों में बंटकर हवा में कई तरह के करतब दिखाएंगे। स्क्वाड्रन लीडर अमन गोयल जमीन से तालमेल बिठाने में मदद करेंगे। वे पायलटों को हवा की स्थिति, विमानों के बीच की दूरी और ऑपरेशनल सुरक्षा से जुड़ी जानकारी लगातार देते रहेंगे।

इलाके में पक्षियों की आवाजाही को कंट्रोल करने के लिए सुरक्षा के खास इंतजाम भी किए गए हैं। 'बर्ड हैजर्ड कंट्रोल यूनिट' इस पूरे कार्यक्रम के दौरान पूरी तरह से अलर्ट पर रहेगी।

यह प्रदर्शन पहले ज्योतिर्लिंग मंदिर में मनाए जा रहे व्यापक 'सोमनाथ अमृतपर्व-2026' समारोहों का एक हिस्सा है। सूर्य किरण एरोबेटिक टीम (एसकेएटी) को भारतीय वायुसेना के 'राजदूत' कहा जाता है। अधिकारियों के अनुसार, यह टीम सोमवार को क्लोज-फॉर्मेशन उड़ान और एरोबेटिक अभ्यास का आयोजन करेगी, जिसका उद्देश्य सटीकता, अनुशासन और टीमवर्क को प्रदर्शित करना है।

टीम को वैश्विक स्तर पर उनके समन्वित प्रदर्शन के लिए पहचाना जाता है और यह भारत व विदेशों में 800 से अधिक कार्यक्रमों में हिस्सा ले चुकी है। एसकेएटी ने चीन, श्रीलंका, म्यांमार, थाईलैंड, सिंगापुर और संयुक्त अरब अमीरात में भी अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया।

1996 में स्थापित, टीम हॉक एमके-132 का संचालन करती है, जिन्हें भारत में हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड ने बनाया। अपने प्रदर्शन के दौरान विमान बेहद करीबी फॉर्मेशन में उड़ते हैं। कभी-कभी उनके बीच पांच मीटर से भी कम का दूरी होती है।

--आईएएनएस

डीसीएच/