पश्चिम बंगाल: कोलकाता में शिक्षकों ने नौकरी की सुरक्षा की मांग को लेकर प्रदर्शन किया
कोलकाता, 28 सितंबर (आईएएनएस)। राज्य सरकार और सरकारी स्कूलों के कंप्यूटर शिक्षकों के एक समूह ने सोमवार को कोलकाता के सॉल्ट लेक स्थित विकास भवन में नौकरी की सुरक्षा की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।
पुलिस द्वारा शिक्षकों का रास्ता रोक दिए जाने और उन्हें विकास भवन में प्रवेश करने से रोकने के बाद सैकड़ों शिक्षक सड़क पर बैठ गए। जब पुलिस ने बैरिकेड लगाकर जुलूस को रोकने की कोशिश की, तो प्रदर्शनकारियों ने उन्हें गिराकर आगे बढ़ने का प्रयास किया।
पुलिस ने बाद में बताया कि 10 लोगों के एक प्रतिनिधिमंडल को अंदर जाने की अनुमति दी जाएगी, लेकिन शिक्षकों ने जोर देकर कहा कि जब तक सरकार की ओर से उनकी नौकरी सुनिश्चित करने वाली अधिसूचना जारी नहीं की जाती, वे प्रदर्शन नहीं रोकेंगे।
राज्य में 3,000 से अधिक कंप्यूटर शिक्षकों को निजी संगठनों द्वारा 2022 से पहले और बाद में पांच साल के अनुबंधों के तहत नियुक्त किया गया था। कुछ अनुबंध इस वर्ष समाप्त हो रहे हैं, जबकि अन्य 2027 की शुरुआत में समाप्त होंगे।
हाल ही में, संगठनों ने पत्र जारी कर कहा कि अनुबंध 30 सितंबर को समाप्त हो जाएंगे और सभी दस्तावेज 9 अक्टूबर तक संबंधित एजेंसी को सौंप दिए जाने चाहिए।
वाम मोर्चा के शासनकाल से ही सरकार सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में संविदा आधार पर कंप्यूटर शिक्षकों की नियुक्ति करती आ रही है। बाद में तृणमूल कांग्रेस सरकार ने भी ऐसी नियुक्तियों की अनुमति दी।
शिक्षकों ने बताया कि 2022 और उससे पहले छठे और सातवें चरण में निजी संगठनों के माध्यम से नियुक्तियां की गईं, लेकिन सरकार ने उन्हें नियमित नहीं किया।
शिक्षकों ने आरोप लगाया कि सरकारी नियमों में बदलाव के कारण हाल के महीनों में उनके वेतन में लगभग 1,000 रुपए की कटौती की गई है। उन्होंने दावा किया कि बर्खास्तगी से उनके परिवारों और स्कूल अधिकारियों पर असर पड़ेगा, क्योंकि अधिकांश परियोजना कार्य अब डिजिटल हो गया है।
सोमवार को जुलूस करुणमयी बस स्टैंड से शुरू हुआ। विकास भवन पहुंचते ही पुलिस के साथ झड़प हो गई।
शिक्षकों ने बैरिकेड लगाकर आगे बढ़ने की कोशिश की, लेकिन उन्हें फिर से रोक दिया गया, जिसके बाद वे भवन के सामने बैठ गए।
एक शिक्षक ने कहा कि दुर्गा पूजा से ठीक पहले हमें इस तरह नौकरी से निकाला जा रहा है। यह कैसा न्याय है? सरकार को कार्रवाई करनी चाहिए। हमने स्कूलों में छात्रों की मदद की है, और अब यही इनाम मिल रहा है?
--आईएएनएस
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