☰
×

गृह मंत्री अमित शाह ने अहमदाबाद में जैन आचार्यों से की मुलाकात, अहिंसा-संयम का दिया संदेश

 

अहमदाबाद, 16 अक्टूबर (आईएएनएस)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को अहमदाबाद में दो जैन धर्मगुरुओं से मुलाकात की और जैन परंपरा के अहिंसा, आत्मसंयम और अनासक्ति के उपदेशों पर प्रकाश डाला। अमित शाह ने कहा कि इन उपदेशों ने सदियों से भारतीय समाज का मार्गदर्शन किया है।

गृह मंत्री ने सबसे पहले शहर के सैटेलाइट क्षेत्र में स्थित प्रेरणा तीर्थ देरासर का दौरा किया, जहां उन्होंने गच्छाधिपति परमपूज्य आचार्य श्री नररत्न सूरीश्वर जी महाराज को नमन किया और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।

इसके बाद उन्होंने पाल्दी क्षेत्र में स्थित श्री विश्वनान्दिकर जैन संघ का दौरा किया, जहां उन्होंने गच्छधिपति उदय रत्न सूरीश्वरजी महाराज से मुलाकात की और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में शाह ने कहा कि उन्होंने अहमदाबाद में आचार्य नर रत्न सूरीश्वरजी महाराज का आशीर्वाद प्राप्त किया है।

जैन धर्म के सिद्धांतों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने लिखा कि जैन परंपरा में अहिंसा, आत्मसंयम और अपरिग्रह की शिक्षाओं ने सदियों से भारतीय समाज का मार्गदर्शन किया है। पूज्य महाराज की संगति जीवन के प्रति इस दृष्टिकोण का प्रत्यक्ष अनुभव प्रदान करती है।

अमित शाह ने गुजराती में भी संदेश साझा किया और दोहराया कि अहिंसा, संयम और अपरिग्रह के सिद्धांतों ने पीढ़ियों से भारतीय समाज को आकार दिया है।

उन्होंने पूज्य आचार्य की उपस्थिति को इन सिद्धांतों का प्रत्यक्ष अनुभव करने का अवसर बताया।

गांधीनगर लोकसभा क्षेत्र से प्रतिनिधि अमित शाह ने दो जैन धार्मिक स्थलों का दौरा किया और संबंधित आचार्यों से आशीर्वाद प्राप्त किया।

अधिकारियों के अनुसार, इन दौरों के दौरान शाह ने जैन धर्म के आध्यात्मिक मूल्यों और जैन संतों की परंपरा के प्रति सम्मान व्यक्त किया।

जैन धर्म विशेष रूप से अहिंसा, आत्म-अनुशासन और भौतिक वस्तुओं से लगाव को सीमित करने पर बल देता है। इसका अहिंसा सिद्धांत जीवित प्राणियों को हानि न पहुँचाने तक विस्तारित है, जबकि अपरिग्रह संपत्ति और आसक्ति को सीमित करने के लिए प्रोत्साहित करता है।

ये सिद्धांत धर्म की नैतिक और आध्यात्मिक शिक्षाओं का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। अमित शाह की यात्राएं अहमदाबाद में हुईं, जहां जैन धर्म और संस्कृति की गहरी छाप है।

शहर में कई जैन मंदिर और धार्मिक संस्थान हैं जो पूजा और आध्यात्मिक शिक्षा के केंद्र के रूप में कार्य करते हैं।

--आईएएनएस

एमएस/