राहुल गांधी पर हिमंत बिस्वा सरमा का तंज, बोले- बहस सड़क पर नहीं, संसद में होनी चाहिए
गुवाहाटी, 4 नवंबर (आईएएनएस)। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ सार्वजनिक बहस की राहुल गांधी की मांग पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस नेता को सड़क पर बहस करने के बजाय संसद में मुद्दे उठाने चाहिए और चर्चा में हिस्सा लेना चाहिए।
सरमा ने राहुल गांधी के हालिया वीडियो का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री को दिवाली की शुभकामनाएं देने के दौरान हाथ में गुलाब रखने को लेकर भी उन पर तंज कसा। उन्होंने कहा, ''गुलाब का संबंध वैलेंटाइन डे से है, दिवाली से नहीं।'' इस टिप्पणी के जरिए उन्होंने राहुल गांधी की भारतीय परंपराओं और संस्कृति की समझ पर सवाल उठाया।
असम के मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर राहुल गांधी खुद को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष मानते हैं तो उन्हें प्रधानमंत्री के साथ बहस के लिए संसद का मंच चुनना चाहिए। उन्होंने सवाल किया, ''अगर राहुल गांधी खुद को नेता प्रतिपक्ष मानते हैं, तो प्रधानमंत्री के साथ उनकी बहस कहां होनी चाहिए? सड़कों पर या संसद में?''
सरमा ने कहा कि देश से जुड़े तमाम मुद्दों पर चर्चा के लिए संसद पर्याप्त मंच है। इनमें अमेरिका के साथ भारत के संबंध और कांग्रेस नेता की ओर से उठाए गए अन्य नीतिगत मुद्दे भी शामिल हैं। उन्होंने राहुल गांधी से संसद में उपस्थित रहने और बिना किसी व्यवधान के बहस में हिस्सा लेने की अपील की। सरमा ने कहा कि संसद में उठाए गए सवालों का जवाब केंद्रीय गृह मंत्री समेत संबंधित मंत्री दे सकते हैं और प्रधानमंत्री भी चर्चा के दौरान हस्तक्षेप कर सकते हैं।
उन्होंने कहा, ''हम संसद में बहस चाहते हैं, सड़कों पर नहीं।'' मुख्यमंत्री ने कहा कि राहुल गांधी को संसद में सार्थक चर्चा होने देनी चाहिए, ताकि देश के लोग महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मुद्दों पर होने वाली बहस को सुन सकें।
मुख्यमंत्री ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) और चुनावी नतीजों को लेकर कांग्रेस पर दोहरे रवैये का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) चुनाव जीतती है तो कांग्रेस नतीजों पर सवाल उठाती है, लेकिन जब कांग्रेस चुनाव जीतती है तो वह परिणाम स्वीकार कर लेती है। सरमा ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस नेता को इस मानसिकता से बाहर निकलना चाहिए और सार्थक राजनीतिक भागीदारी तथा संसद में बहस पर ध्यान देना चाहिए।
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