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हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल ने अंतर्राष्ट्रीय कुल्लू दशहरा महोत्सव का उद्घाटन किया

 

कुल्लू, 21 अक्टूबर (आईएएनएस)। हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने बुधवार को कुल्लू के ऐतिहासिक ढालपुर मैदान में सप्ताह भर चलने वाले अंतर्राष्ट्रीय कुल्लू दशहरा महोत्सव का उद्घाटन किया। यह राज्य के सबसे प्रमुख सांस्कृतिक और धार्मिक उत्सवों में से एक का शुभारंभ था।

उत्सव का शुभारंभ भगवान रघुनाथ की पारंपरिक रथ यात्रा के साथ हुआ, जिसमें कुल्लू घाटी के विभिन्न हिस्सों से 347 से अधिक देवी-देवताओं ने भाग लिया। इस यात्रा में धार्मिक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत का समृद्ध संगम देखने को मिला।

राज्यपाल की पत्नी, बिंदू गुप्ता भी इस अवसर पर उपस्थित थीं।

लोगों को शुभकामनाएं देते हुए राज्यपाल ने कहा कि कुल्लू दशहरा मात्र एक धार्मिक उत्सव नहीं है, बल्कि यह हिमाचल प्रदेश की समृद्ध देव संस्कृति, लोक परंपराओं, सामूहिक आस्था और सामाजिक सद्भाव की जीवंत अभिव्यक्ति है। उन्होंने कहा कि देव और लोक संस्कृति का अनूठा संगम इस उत्सव को विशिष्ट बनाता है और इसे राज्य की सांस्कृतिक पहचान का एक स्थायी प्रतीक बनाता है।

सदियों पुरानी परंपराओं को संरक्षित करने के महत्व पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक विरासत भावी पीढ़ियों को शक्ति, मूल्य और मार्गदर्शन प्रदान करती है।

विजयादशमी के महत्व का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भगवान श्री राम का जीवन और आदर्श समाज को सत्य, कर्तव्य, न्याय और धर्म के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करते हैं।

राज्यपाल ने लोगों से सामाजिक बुराइयों, विशेष रूप से नशीली दवाओं के दुरुपयोग, हिंसा और भ्रष्टाचार के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने नागरिकों से 'राष्ट्र सर्वोपरि' की भावना को अपनाते हुए राष्ट्रीय एकता, अखंडता और सामाजिक सद्भाव को मजबूत करने का आग्रह किया।

विकसित भारत के दृष्टिकोण पर प्रकाश डालते हुए गुप्ता ने नागरिकों, विशेषकर युवाओं को, नए कौशल हासिल करने, उभरती प्रौद्योगिकियों को अपनाने, नवाचार को बढ़ावा देने, पर्यावरण की रक्षा करने और अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहने के लिए प्रोत्साहित किया।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि विकास पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ चलना चाहिए, और कहा कि हिमाचल प्रदेश के पहाड़, जंगल, नदियां और जैव विविधता अमूल्य प्राकृतिक संपदा हैं जिन्हें आने वाली पीढ़ियों के लिए संरक्षित किया जाना चाहिए।

राज्यपाल ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय कुल्लू दशहरा महोत्सव हिमाचल प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक दर्शकों के सामने प्रदर्शित करने के साथ-साथ पर्यटन को बढ़ावा देने और स्थानीय हस्तशिल्प, पारंपरिक उत्पादों, रोजगार और उद्यमिता के अवसर पैदा करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच है।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि त्योहार के पारंपरिक स्वरूप और प्रामाणिकता की रक्षा की जानी चाहिए, साथ ही यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि इसके आर्थिक लाभ स्थानीय समुदायों तक पहुंचें।

बाद में, राज्यपाल ने विभिन्न सरकारी विभागों, बोर्डों, निगमों और गैर-सरकारी संगठनों द्वारा आयोजित प्रदर्शनियों का उद्घाटन किया और प्रदर्शनियों का अवलोकन करने के लिए उनके स्टालों का दौरा किया।

उन्होंने भगवान रघुनाथ से प्रार्थना भी की और हिमाचल प्रदेश और राष्ट्र की शांति, समृद्धि और कल्याण की कामना की। इससे पहले, राज्यपाल का कुल्लू पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया।

--आईएएनएस

एमएस/