दिवाली सद्भावना और एकता का देती है संदेश, हिमाचल के राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने दी शुभकामनाएं
शिमला, 8 नवंबर (आईएएनएस)। हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंदर गुप्ता और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने रविवार को दीपावली के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि यह पर्व सुख, समृद्धि, भाईचारे और सामाजिक सौहार्द का प्रतीक है तथा सभी के जीवन में खुशियां, शांति और उन्नति लेकर आए।
अपने संदेश में राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने कहा कि दीपावली का पर्व "हर व्यक्ति के जीवन को आलोकित करता है और बुराई पर अच्छाई तथा अंधकार पर प्रकाश की विजय का संदेश देता है।" उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह त्योहार राज्य के लोगों के जीवन में अपार खुशी और आनंद लेकर आएगा।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अपने शुभकामना संदेश में कहा कि दीपावली "सद्भावना, एकता और भाईचारे का संदेश देती है।" उन्होंने कहा कि समृद्धि और खुशहाली का यह पर्व सभी के जीवन में सुख, उत्साह और आनंद लेकर आएगा। साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि यह त्योहार लोगों के बीच एकता और आपसी सौहार्द के संबंधों को और अधिक मजबूत करेगा।
मुख्यमंत्री ने लोगों से पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए पारंपरिक तरीके से दीपावली मनाने की भी अपील की।
एक दिन पहले, राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने यहां लोक भवन में सर्वोदय बाल आश्रम के बच्चों के साथ दीपावली मनाई। इस दौरान उन्होंने बच्चों के साथ खुशी, स्नेह और अपनत्व के पल साझा किए तथा करुणा, समावेशिता और नई पीढ़ी के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी का भावपूर्ण संदेश दिया।
समारोह में गर्मजोशी और उल्लास का माहौल रहा। राज्यपाल ने बच्चों से संवाद किया और उनके उज्ज्वल एवं समृद्ध भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर को और विशेष बनाते हुए राज्यपाल ने बच्चों के साथ नाटी, जो हिमाचल प्रदेश का पारंपरिक लोकनृत्य है, भी प्रस्तुत किया। इससे राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं के प्रति उनके सम्मान और सराहना का परिचय मिला।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि दीपावली "सिर्फ रोशनी का त्योहार नहीं, बल्कि आशा, करुणा, मानवीय मूल्यों और विपरीत परिस्थितियों पर अच्छाई की विजय का भी उत्सव है।" उन्होंने कहा कि त्योहारों का वास्तविक महत्व "खुशियां बांटने, मानवीय रिश्तों को मजबूत बनाने और यह सुनिश्चित करने में है कि समाज का कोई भी वर्ग प्रेम, देखभाल और अपनत्व की भावना से वंचित न रहे।"
राज्यपाल ने कहा, "हर बच्चे के भीतर कुछ असाधारण हासिल करने की क्षमता होती है। उन्हें केवल प्रेम, प्रोत्साहन, उचित मार्गदर्शन और अपने सपनों को साकार करने के अवसरों की आवश्यकता होती है। उनकी आकांक्षाओं को संवारना और यह सुनिश्चित करना कि हर बच्चा सम्मान, आत्मविश्वास और उम्मीद के साथ बड़ा हो, हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।"
--आईएएनएस
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