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कर्नाटक कैबिनेट में संकट गहराया, भाजपा बोली- राज्य में जल्द चुनाव हो सकते हैं

 

नई दिल्ली, 5 जून (आईएएनएस)। कर्नाटक के मंत्री रामलिंगा रेड्डी के कैबिनेट से इस्तीफा देने के बाद भाजपा नेताओं ने सत्ताधारी कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने इस संकट का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि 'सरकार गिरने' के बाद राज्य में जल्द चुनाव हो सकते हैं।

जल संसाधन मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने कर्नाटक कैबिनेट से इस्तीफा देने का फैसला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार बेंगलुरु अर्बन पोर्टफोलियो के बंटवारे को लेकर किए गए अपने वादे से मुकर गए हैं।

एक और झटके में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मंत्री केएच मुनियप्पा ने खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग के बंटवारे पर कड़ी नाराजगी जताई और घोषणा की है कि वे मंत्रालय का कार्यभार नहीं संभालेंगे।

कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से ​​बातचीत करते हुए दावा किया कि कांग्रेस 'मजाक का पात्र' बन गई है।

उन्होंने कहा, "कर्नाटक के लोग इस सरकार का भ्रष्टाचार और यह देख रहे हैं कि उन्हें कैसे धोखा दिया गया है। अब नए मुख्यमंत्री के आने और कैबिनेट के विस्तार व गठन के 48 घंटों के भीतर ही कांग्रेस के वरिष्ठ कैबिनेट मंत्रियों के बीच आपसी कलह शुरू हो गई है।"

उन्होंने दावा किया, "नए सीएम के साथ लोगों को विकास की उम्मीद थी, लेकिन अब संकेत बहुत साफ हैं। लोग इस सरकार से भ्रष्टाचार के अलावा किसी चीज की उम्मीद नहीं कर सकते।"

विजयेंद्र ने कहा, "आपसी कलह को देखते हुए मुझे लगता है कि हम जल्द चुनाव की ओर बढ़ रहे हैं।"

भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि कैबिनेट में किसी भी महिला विधायक को मंत्री के तौर पर शपथ नहीं दिलाई गई है।

उन्होंने कहा, "वे (कांग्रेस) सिर्फ नारे लगाते हैं, लेकिन (महिला सशक्तिकरण के लिए) उनकी नीयत साफ नहीं है।"

उन्होंने समाचार एजेंसी आईएएनएस से ​​कहा, "डीके शिवकुमार को सरकार में स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए लाया गया था, लेकिन अब वही सब हो रहा है, जो पिछले तीन सालों से हो रहा था। उनकी प्राथमिकता सत्ता है, लोग नहीं।"

भाजपा सांसद मनन कुमार मिश्रा ने कहा, "(रामलिंगा) रेड्डी इस स्थिति को समझते हैं। कर्नाटक में कांग्रेस के कई विधायक और नेता हैं, जो यह भी समझते हैं कि कर्नाटक से भी कांग्रेस का सफाया तय है।"

उन्होंने दावा किया, "डीके शिवकुमार को लाकर कांग्रेस ने सरकार को कुछ और समय तक बनाए रखने की कोशिश की है, लेकिन वहां की सरकार छह महीने के भीतर गिर जाएगी।"

कर्नाटक के मंत्री और कांग्रेस नेता प्रियांक खड़गे ने साफ किया कि रामलिंगा रेड्डी ने पार्टी से इस्तीफा नहीं दिया है, बल्कि सिर्फ मंत्री पद से इस्तीफा दिया है।

उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि यह बस समय की बात है। वह पार्टी के बहुत अहम नेता हैं और मुझे यकीन है कि सीनियर लीडरशिप उनसे बैठकर बात करेगी।"

खड़गे को उम्मीद थी कि रेड्डी पार्टी के फैसले को मानेंगे।

कांग्रेस विधायक दिनेश गुंडू राव ने कहा कि राजनीति में ऐसी बातें होती रहती हैं।

उन्होंने आईएएनएस से ​​कहा, "मुझे उम्मीद है कि मुख्यमंत्री इस मामले को सुलझा लेंगे। 1989 से रामलिंगा रेड्डी और डीके शिवकुमार साथ में सदस्य रहे हैं। उन्होंने बहुत काम किया है, इसलिए मुझे यकीन है कि शिवकुमार इसे सुलझा लेंगे और कोई अच्छा नतीजा निकालेंगे।"

--आईएएनएस

एएसएच/डीकेपी