संजय राउत का महाराष्ट्र के सीएम पर निशाना, बोले- सीईसी का बचाव कर रहे देवेंद्र फडणवीस
मुंबई, 28 सितंबर (आईएएनएस)। शिवसेना (यूबीटी) नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने सोमवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर निशाना साधा। उन्होंने सीएम फडणवीस के उस हालिया बयान पर पलटवार किया, जिसमें उन्होंने वोटर लिस्ट में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी और चुनावी धोखाधड़ी का आरोप लगाने पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के लिए कहा था कि उनका दिमाग खराब हो गया है।
संजय राउत ने सवाल किया कि आखिर वास्तव में किसने अपना मानसिक संतुलन खोया है। उन्होंने पूछा कि विपक्ष द्वारा उठाए गए मुख्य मुद्दों का जवाब देने के बजाय भाजपा के बड़े नेता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के 'बचाव पक्ष के वकील' की तरह क्यों काम कर रहे हैं। राउत ने राहुल गांधी के आरोपों को खारिज करने की सीएम फडणवीस की कोशिश पर भी तीखा पलटवार किया।
उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त का बचाव करने की भाजपा की कोशिश पर सवाल उठाया। राउत ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग अपनी संवैधानिक स्वतंत्रता खो चुका है और राजनीतिक प्रभाव में काम कर रहा है।
उन्होंने कहा, "किसका दिमाग खराब हुआ है, इस पर बहस करने के बजाय असली मुद्दे पर बात कीजिए। सीएम देवेंद्र फडणवीस मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का बचाव क्यों कर रहे हैं? क्या चुनाव आयोग ने उन्हें अपना वकील नियुक्त किया है?"
राउत ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ पार्टी जिस तरह से मुख्य चुनाव आयुक्त का बचाव कर रही है, उससे लगता है कि पूरे मामले को छिपाने की कोशिश हो रही है।
चुनाव आयोग के भीतर मतभेदों का जिक्र करने वाली मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए राउत ने कहा कि सवाल उठाने वाले राहुल गांधी अकेले नहीं हैं। उन्होंने चुनावी प्रक्रियाओं में कथित गड़बड़ियों और चुनाव आयुक्तों के बीच अंदरूनी मतभेदों से जुड़ी मीडिया रिपोर्टों का भी जिक्र किया।
उन्होंने सवाल किया, "क्या फडणवीस को सामान्य राजनीतिक इतिहास की भी जानकारी नहीं है या वह जानबूझकर तथ्यों को नजरअंदाज कर रहे हैं?"
राउत ने तीन सदस्यीय चुनाव आयोग की तुलना महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ गठबंधन से की। उन्होंने आरोप लगाया कि गंभीर अंदरूनी मतभेदों के बावजूद चुनाव आयुक्त तस्वीरों के लिए वैसे ही एक साथ दिखाई देते हैं, जैसे सीएम फडणवीस और डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे।
राउत ने कहा, "क्या उनके बीच वास्तव में कामकाजी तालमेल है? नहीं। जिस तरह सीएम फडणवीस और डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे तस्वीरें खिंचवाने के लिए एक साथ दिखाई देते हैं, उसी तरह तीनों चुनाव आयुक्त भी दिखावे के लिए साथ नजर आते हैं, जबकि संस्था अंदर से कमजोर हो रही है।"
संजय राउत ने आगे आरोप लगाया कि सरकार मुख्य चुनाव आयुक्त को जनता के विरोध-प्रदर्शनों से बचाने के लिए सरकारी ताकत और पुलिस बल का इस्तेमाल कर रही है।
उन्होंने दावा किया कि केंद्र का नेतृत्व मुख्य चुनाव आयुक्त को चुनावों में कथित गड़बड़ी के लिए एक महत्वपूर्ण हथियार मानता है और इसी वजह से उनका बचाव सरकार की प्राथमिकता बन गया है।
राउत ने आरोप लगाया, "ज्ञानेश कुमार सरकार के गले में फंसी हड्डी बन गए हैं। उनकी रक्षा करना सरकार की राजनीतिक मजबूरी बन गई है, क्योंकि वे चुनावों में गड़बड़ी के जरिए जीत हासिल करने के हथियार के रूप में काम करते हैं।"
उन्होंने आगे कहा, "शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शनों को दबाने के लिए सरकारी तंत्र, पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों का इस्तेमाल किया जा रहा है, लेकिन मैं एक बात साफ कर देना चाहता हूं कि ज्ञानेश कुमार को जाना ही होगा।"
संजय राउत ने महाराष्ट्र में सूखे की स्थिति को लेकर राज्य सरकार की प्रतिक्रिया पर भी मुख्यमंत्री फडणवीस की आलोचना की। उन्होंने गंभीर संकट के समय आम लोगों को अपने निजी खर्च कम करने की सलाह दिए जाने पर सवाल उठाया।
राउत ने कहा, "भीषण सूखे के दौरान आम लोगों से खर्च कम करने के लिए कहने के बजाय फडणवीस ने अपने राजनीतिक सहयोगियों को भ्रष्टाचार रोकने का निर्देश क्यों नहीं दिया?"
उन्होंने आगे कहा, "अगर उन्होंने अपने प्रशासन के भीतर भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने का साहस दिखाया होता, तो मैं मान लेता कि उनका दिमाग सही तरीके से काम कर रहा है।"
--आईएएनएस
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