×

गुटखा प्रतिबंध का आदेश वापस नहीं लिया गया: कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री

 

बेंगलुरु, 15 अगस्त (आईएएनएस)। कर्नाटक सरकार द्वारा राज्य में गुटखा पर प्रतिबंध वापस लेने की अफवाहों के बीच राज्य के स्वास्थ्य मंत्री यू.टी. खादर ने शनिवार को स्पष्ट किया कि सरकार ने केवल निकोटीन युक्त गुटखा और पान मसाला पर रोक लगाने का आदेश जारी किया है और इसे वापस नहीं लिया गया है।

बेंगलुरु में मीडिया से बातचीत करते हुए यू.टी. खादर ने कहा कि पान मसाला में निकोटीन पर प्रतिबंध लगाने का फैसला जनस्वास्थ्य के हित में लिया गया है और इससे सुपारी उत्पादकों पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा।

उन्होंने कहा, "यह आदेश केवल पान मसाला में निकोटीन के खिलाफ है। सुपारी पर कोई प्रतिबंध नहीं है। हमारा विभाग और सरकार सुपारी उत्पादकों, किसानों और व्यापारियों को पूरा सहयोग और प्रोत्साहन देती रहेगी।"

खादर ने कहा कि इस फैसले से सुपारी किसानों को कोई नुकसान नहीं होगा, बल्कि इससे सुपारी की कीमतें बढ़ भी सकती हैं। उन्होंने दावा किया कि आमतौर पर भारतीय सुपारी का इस्तेमाल गुटखा बनाने में नहीं किया जाता, और निर्माता नेपाल तथा बांग्लादेश जैसे देशों से सुपारी मंगाते हैं।

उन्होंने कहा, "सुपारी व्यापार से जुड़े लोगों को इस फैसले से कोई परेशानी नहीं होगी। तीन महीने इंतजार करके देखिए।"

स्वास्थ्य मंत्री ने याद दिलाया कि जब सरकार ने पहले गुटखा पर प्रतिबंध लगाने की पहल की थी, तब भी इसी तरह की चिंताएं जताई गई थीं। उन्होंने कहा कि उस समय उन्होंने इस फैसले का जोरदार समर्थन किया था और मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने भी उनका साथ दिया था।

खादर ने कहा, "हमने तब भी कहा था कि सुपारी की कीमतें नहीं गिरेंगी। तीन महीने बाद सुपारी के दाम बढ़ गए थे।" उन्होंने कहा कि पान मसाला में निकोटीन पर रोक लगाने का यह ताजा फैसला भी सुपारी उत्पादकों को प्रभावित नहीं करेगा।

खादर ने यह भी कहा कि सरकार ने ऐसा कोई फैसला नहीं लिया है जिससे सुपारी किसानों और व्यापारियों को नुकसान पहुंचे। उन्होंने कहा कि सरकार आगे भी उनका समर्थन करती रहेगी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री शिवकुमार ने इस मुद्दे पर चर्चा की है और स्पष्ट किया है कि जनता का स्वास्थ्य सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए, साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि सुपारी उत्पादकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

खादर ने कहा, "मुख्यमंत्री ने भी साफ कर दिया है कि सुपारी किसानों को किसी तरह की कठिनाई नहीं होनी चाहिए। स्वास्थ्य के नजरिए से यह एक अच्छा फैसला है।"

बता दें कि कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने आरोप लगाया था कि राज्य सरकार गुटखा प्रतिबंध के जरिए किसानों और सुपारी उत्पादकों के हितों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रही है, जिससे राज्यभर के किसानों में डर और अनिश्चितता पैदा हो रही है।

यह भी उल्लेखनीय है कि खबरें थीं कि कर्नाटक सरकार गुटखा प्रतिबंध का आदेश लागू होने के कुछ ही दिनों बाद उसे वापस लेने पर विचार कर रही है। विभिन्न दलों के विधायकों ने इसके खिलाफ नाराजगी जताते हुए कहा था कि इससे राज्य के कई जिलों के सुपारी उत्पादकों पर असर पड़ सकता है।

--आईएएनएस

एएमटी/डीकेपी