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गुजरात: 1.24 करोड़ रुपए की साइबर धोखाधड़ी से जुड़े 'म्यूल अकाउंट्स' के मामले में तीन लोग गिरफ्तार

 

अहमदाबाद, 10 सितंबर (आईएएनएस)। गुजरात पुलिस के साइबर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीसीई) ने वलसाड से तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। इन पर आरोप है कि इन्होंने अपने नाम से सेविंग्स बैंक अकाउंट खुलवाए और उनके डिटेल्स व बैंकिंग किट साइबर धोखाधड़ी में शामिल अपने साथियों को सौंप दिए। इन अकाउंट्स के जरिए 1.24 करोड़ रुपये से ज्यादा का लेन-देन हुआ था।

गुप्त जानकारी के आधार पर सीसीओई टीम ने वलसाड के उडवाड़ा में छापेमारी की और इन लोगों को गिरफ्तार किया।

पुलिस ने बताया कि आरोपी कथित तौर पर एक पहले से सोची-समझी साजिश के तहत काम कर रहे थे, ताकि साइबर धोखाधड़ी के अलग-अलग तरीकों से हासिल किए गए पैसे को इधर-उधर भेजा जा सके।

पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने पैसे कमाने के लिए अपने नाम पर सेविंग्स अकाउंट खुलवाए और अकाउंट की जानकारी और बैंकिंग किट उन साथियों को दे दी जो कथित तौर पर साइबर अपराधों में शामिल थे।

बाद में इन अकाउंट्स का इस्तेमाल गुजरात और दूसरे राज्यों के लोगों के साथ धोखाधड़ी करके हासिल किए गए पैसे को लेने और ट्रांसफर करने के लिए किया गया।

अपराधों में कथित तौर पर इस्तेमाल किए गए बैंक अकाउंट्स की नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीसीआरपी) पर जांच करने पर साइबर धोखाधड़ी की तीन शिकायतें मिलीं — एक-एक शिकायत गुजरात, तमिलनाडु और राजस्थान से थी।

इन शिकायतों में कुल मिलाकर 1,24,79,156 रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोपियों की पहचान भावेश पटेल, दीपेशकुमार पटेल और अभयकुमार नायक के तौर पर हुई है।

पुलिस ने बताया कि भावेश पटेल ने कथित तौर पर अपने नाम पर एक सेविंग्स अकाउंट खुलवाया और बैंक अकाउंट किट अपने साथी आरोपियों को दे दी।

दीपेशकुमार पटेल ने कथित तौर पर सेविंग्स बैंक अकाउंट खुलवाने में मदद की, जबकि नायक ने कथित तौर पर साथी आरोपियों से सेविंग्स बैंक अकाउंट किट ली और उसे आगे इस्तेमाल के लिए भेज दिया।

इन अकाउंट्स का इस्तेमाल कथित तौर पर टास्क फ्रॉड, इन्वेस्टमेंट फ्रॉड और ऑनलाइन जॉब फ्रॉड जैसे मामलों में किया गया। पुलिस ने कहा, "आरोपियों के पास से तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए गए।"

पुलिस ने लोगों को कमीशन या दूसरे आर्थिक फायदों के बदले दूसरों के साथ अपने बैंक अकाउंट की जानकारी शेयर करने के खिलाफ चेतावनी दी और कहा कि अकाउंट होल्डर अपने अकाउंट में आए पैसे के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं।

सीसीओई ने सेक्सटॉर्शन, मॉर्फ्ड तस्वीरों, न्यूड वीडियो कॉल या साइबर अपराध के दूसरे रूपों के शिकार लोगों से अपील की कि वे बिना किसी डर या झिझक के साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 या अपने नजदीकी साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन से संपर्क करें।

पुलिस ने कहा कि संवेदनशील मामलों में शिकायत करने वालों की पहचान गुप्त रखी जाएगी।

--आईएएनएस

एससीएच