☰
×

गुजरात में मतदाता पंजीकरण के लिए विशेष अभियान, अक्टूबर-नवंबर में चार रविवार को लगेंगे शिविर

 

गांधीनगर, 1 अक्टूबर (आईएएनएस)। मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय ने गुरुवार को बताया कि गुजरात राज्य में मतदाता सूची से छूटे नागरिकों और नव पात्र युवा मतदाताओं को नामांकित करने के लिए एक राज्यव्यापी विशेष अभियान चलाया जाएगा, जिसके तहत अक्टूबर और नवंबर में चार रविवारों को सभी मतदान केंद्रों पर विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे।

यह विशेष अभियान सतत अद्यतन प्रक्रिया के तहत भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार उन राज्यों के लिए चलाया जाएगा, जहां विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) अभ्यास पूरा हो चुका है।

11, 18 और 25 अक्टूबर और 1 नवंबर को विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे, जिनमें नामित अधिकारी और बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान केंद्रों पर निर्धारित प्रपत्रों में दावे और आपत्तियां प्राप्त करने के लिए उपलब्ध रहेंगे।

इस पहल से विशेष रूप से 18-19 वर्ष की आयु के पात्र पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं के साथ-साथ उन नागरिकों को भी नामांकन कराने का अवसर मिलेगा जिनके नाम पिछली बार की मतदाता सूची में शामिल नहीं किए गए थे।

गुजरात के मुख्य निर्वाचन अधिकारी संदीप सागले ने राज्य भर में चुनाव प्रचार की व्यवस्था करने के लिए सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों और कलेक्टरों को विस्तृत निर्देश जारी किए हैं।

सीईओ के कार्यालय ने कहा कि चुनावी पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) और सहायक चुनावी पंजीकरण अधिकारी (एईआरओ) अभियान के हिस्से के रूप में कॉलेजों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में व्यवस्थित मतदाता शिक्षा और चुनावी भागीदारी (एसडब्ल्यूईईपी) गतिविधियां संचालित करेंगे।

पात्र नागरिकों को नामांकन प्रक्रिया और विशेष अभियान दिवसों के बारे में सूचित करने के लिए विभिन्न स्थानों पर बैनर और स्थानीय समाचार पत्रों के माध्यम से भी जागरूकता पैदा की जाएगी।

कार्यालय ने स्पष्ट किया कि वर्तमान अवधि को गैर-एसआईआर के रूप में वर्गीकृत किया गया है और मतदाता पंजीकरण नियम, 1960 के तहत मतदाता सूची में शामिल होने के इच्छुक पात्र व्यक्तियों को केवल फॉर्म 6 जमा करना होगा।

पर्यवेक्षक चार विशेष प्रचार दिवसों के दौरान नियमित रूप से मतदान केंद्रों का दौरा करेंगे ताकि व्यवस्थाओं की निगरानी की जा सके और यह सुनिश्चित किया जा सके कि आवेदन प्राप्त हो गए हैं।

जिला चुनाव अधिकारी, ईआरओ और एईआरओ पर्यवेक्षण और निगरानी प्रक्रिया के हिस्से के रूप में यादृच्छिक क्षेत्र निरीक्षण भी करेंगे।

इस विशेष अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पात्र नागरिकों, विशेष रूप से 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके लोगों को मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने का अवसर मिले और यह सुनिश्चित करना है कि मतदाता सूची अद्यतन और समावेशी बनी रहे।

--आईएएनएस

एसएके/वीसी