अहमदाबाद पुलिस ने दुष्कर्म मामले में 21 दिनों के भीतर जांच पूरी कर दाखिल की चार्जशीट
अहमदाबाद, 3 सितंबर (आईएएनएस)। अहमदाबाद शहर पुलिस ने आनंदनगर पुलिस थाना क्षेत्र में कथित दुष्कर्म मामले में फोरेंसिक, परिस्थितिजन्य और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच पूरी करने के बाद 21 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल कर दी है।
यह मामला 8 अगस्त को अहमदाबाद की एक आवासीय सोसायटी में 22 वर्षीय इंटीरियर डिजाइन की छात्रा के साथ कथित यौन उत्पीड़न से संबंधित है।
अधिकारियों के अनुसार, युवती एक पेइंग गेस्ट के रूप में रह रही थी। वो टहलने के लिए छत पर गई थी, तभी आरोपी ने कथित तौर पर उस पर हमला किया और उसका यौन उत्पीड़न किया। आरोपी की पहचान धर्म सिंह के रूप में हुई है।
पुलिस ने बताया था कि सिंह घटना से कुछ ही दिन पहले सुरक्षा गार्ड के रूप में भर्ती हुआ था। जांचकर्ताओं ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी निगरानी का इस्तेमाल करते हुए उसका पता लगाया, जिसमें आनंदनगर पुलिस, स्थानीय अपराध शाखा और अपराध शाखा की कई टीमें तलाशी में शामिल थीं।
घटना के तुरंत बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने जांच के तहत आवासीय परिसर से सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की थी।सूत्रों के अनुसार, फुटेज में कथित हमले से पहले सिंह को इमारत के अंदर से होते हुए छत की ओर जाते हुए देखा गया। महिला को बाद में इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।
इसके बाद हुई जांच में उस सुरक्षा एजेंसी के कार्यशैली पर भी सवाल उठे, जिसने सिंह को नौकरी पर रखा था। आनंदनगर पुलिस ने जांचकर्ताओं द्वारा यह आरोप लगाए जाने के बाद कि एजेंसी का लाइसेंस समाप्त हो गया था और सुरक्षा गार्डों की भर्ती और तैनाती से संबंधित अनिवार्य आवश्यकताओं का पालन नहीं किया गया था। निजी सुरक्षा एजेंसियों (विनियमन) अधिनियम के प्रावधानों के तहत एजेंसी के मालिक के खिलाफ एक अलग मामला दर्ज किया।
मामले के दर्ज होने के 21 दिनों के भीतर ही आरोपपत्र दाखिल कर दिया गया है। पुलिस ने बताया कि फोरेंसिक, परिस्थितिजन्य और तकनीकी साक्ष्यों की जांच के बाद शीघ्रता से छानबीन पूरी कर ली गई।
पुलिस ने एक बयान में कहा, "फोरेंसिक, परिस्थितिजन्य और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच शीघ्रता से पूरी कर ली गई और अदालत में आरोप पत्र दाखिल कर दिया गया।"
आरोप पत्र दाखिल होने के साथ ही पुलिस जांच पूरी हो जाती है और जांच के दौरान जुटाए गए सबूत आगे की कार्रवाई के लिए अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए जाते हैं।
--आईएएनएस
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