गुजरात: कड़ी सुरक्षा के बीच शांतिपूर्ण ढंग से मनाया गया मुहर्रम
गांधीनगर, 26 जून (आईएएनएस)। गुजरात में शुक्रवार को मुहर्रम शांतिपूर्ण ढंग से मनाया गया। अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा, राजकोट और कई अन्य जिलों में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पारंपरिक ताजिया जुलूस निकाले गए।
अहमदाबाद में पुराने शहर के तय मार्गों से ताजिया जुलूस निकाले गए। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा और कई जगह यातायात में बदलाव किए गए।
संवेदनशील इलाकों में बैरिकेडिंग की गई थी। भीड़ पर नजर रखने और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन से निगरानी की गई।
सूरत में भी तय स्थानों से व्यवस्थित तरीके से ताजिया जुलूस निकाले गए। आयोजकों ने जुलूस के मार्ग और ताजिया से जुड़े सभी दिशा-निर्देशों का पालन किया।
शहर में 7,000 से अधिक सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई थी। इसके अलावा ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के जरिए हर गतिविधि पर नजर रखी गई।
वडोदरा और राजकोट में भी मुहर्रम के जुलूस शांतिपूर्वक निकाले गए। संवेदनशील इलाकों और प्रमुख चौराहों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी की।
राज्यभर में गुजरात पुलिस ने मुहर्रम से पहले व्यापक सुरक्षा योजना लागू की थी।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, पूरे राज्य में 919 संवेदनशील स्थानों की पहचान कर वहां विशेष निगरानी, जोखिम का आकलन और एहतियाती सुरक्षा इंतजाम किए गए थे।
इस सप्ताह की शुरुआत में पुलिस भवन में पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) जी.एस. मलिक की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई थी। इसमें सभी पुलिस आयुक्त, रेंज आईजी और जिला पुलिस अधीक्षक वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए और तैयारियों की समीक्षा की गई।
बैठक में अधिकारियों को खुफिया जानकारी जुटाने, संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त बढ़ाने और जुलूस मार्गों पर बेहतर समन्वय के साथ सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
डीजीपी ने जिलों को उन इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए, जहां पहले मुहर्रम के दौरान कोई घटना हुई थी। साथ ही तकनीकी संसाधनों के जरिए लगातार निगरानी रखने को कहा गया।
सुरक्षा व्यवस्था के तहत राज्य रिजर्व पुलिस बल (एसआरपीएफ), स्थानीय पुलिस और त्वरित प्रतिक्रिया दल (रैपिड रेस्पॉन्स टीम) को महत्वपूर्ण स्थानों पर तैनात किया गया था।
अधिकारियों के अनुसार पुलिस, आयोजकों और समुदाय के प्रतिनिधियों के बेहतर समन्वय के कारण पूरे गुजरात में मुहर्रम के जुलूस बिना किसी बड़ी घटना के शांतिपूर्वक संपन्न हुए।
--आईएएनएस
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