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गुजरात में सास की हत्या का राज खुला, आरोप लगाने वाले ने खुद कबूला जुर्म

 

अहमदाबाद, 30 सितंबर (आईएएनएस)। सूरत जिले में अपनी 85 वर्षीय सास की कथित हत्या के संबंध में सूचना लेकर अहमदाबाद सिटी क्राइम ब्रांच के पास पहुंचे एक व्यक्ति ने कथित तौर पर 2022 में की गई तीन हत्याओं का जुर्म कबूल कर लिया है।

इस मामले में तब नाटकीय मोड़ आया जब क्राइम ब्रांच ने उस व्यक्ति से पूछताछ की, जिसे उसने सह-आरोपी बताया था। पुलिस को कथित हत्या में उसकी संलिप्तता का कोई सबूत नहीं मिला।

आगे की पूछताछ के दौरान, सूचना देने वाले माधवदास भक्तिराम साधु ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उसने अपनी पत्नी उर्मिला उर्फ ​​जया और अपने चचेरे भाई अफजल उर्फ ​​पोटो दीवान को फंसाने के लिए झूठी सूचना दी थी।

क्राइम ब्रांच के अनुसार, माधवदास ने आरोप लगाया था कि सूरत जिले के मंगरोल तालुका के कोसंबा जिले के कब्रिस्तान फलिया की निवासी शांताबेन गंभीरभाई वसावा की हत्या चार-पांच साल पहले उर्मिला और अफजल ने की थी और उनके शव को घर के अंदर सीमेंट के नीचे दफना दिया गया था।

सूचना के आधार पर, क्राइम ब्रांच ने अफजल को पूछताछ के लिए अपने कार्यालय में बुलाया।

पुलिस ने बताया कि अफजल ने शांताबेन की हत्या के बारे में किसी भी प्रकार की जानकारी होने से इनकार किया।

इसके बाद जांचकर्ताओं ने माधवदास और अफजल दोनों से विस्तारपूर्वक पूछताछ की, जिसके दौरान माधवदास ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उसने अफजल का नाम झूठा बताया था।

एसीपी (क्राइम ब्रांच) भरत पटेल ने बताया कि अफजल से पूछताछ में उसकी संलिप्तता साबित न होने के बाद जांच माधवदास की ओर मोड़ दी गई।

पटेल ने कहा कि शुरुआत में माधवदास क्राइम ब्रांच के सामने पेश हुआ और आरोप लगाया कि उसकी पत्नी और अफजल ने मिलकर उसकी सास की हत्या की है।

एसीपी के अनुसार, अफजल से पूछताछ करने पर पता चला कि माधवदास द्वारा दी गई जानकारी में उसकी कोई भूमिका नहीं थी, जिससे संदेह पैदा हुआ और माधवदास से अधिक विस्तृत पूछताछ की गई।

पटेल ने बताया कि माधवदास ने कथित तौर पर अपनी मां, सास और साली की हत्या करने की बात कबूल की।

पुलिस ने बताया कि माधवदास ने जांचकर्ताओं को बताया कि उसकी पत्नी अपने बेटे के साथ सोने-चांदी के गहने और नकदी लेकर जाने के बाद लगभग नौ महीने से अलग रह रही थी।

उसे कथित तौर पर शक था कि उसकी पत्नी अलग रह रही है, और उसने स्वीकार किया कि वह अपनी पत्नी और अफजल दोनों के खिलाफ झूठी जानकारी देकर बदला लेना चाहता था।

क्राइम ब्रांच ने बताया कि माधवदास ने बाद में कबूल किया कि उसने और उर्मिला ने मिलकर 2022 में तीन महिलाओं की हत्या की थी।

पहले मामले में, पुलिस ने आरोप लगाया कि माधवदास और उर्मिला ने 7 अक्टूबर, 2022 की रात को शांताबेन की हत्या कर दी।

आरोप है कि उन्होंने तकिए से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी, शव को एक ड्रम में रखा, उसमें सीमेंट और पानी की तीन बोरियां डालीं और उसे घर के अंदर ही रखा।

लगभग साढ़े तीन महीने बाद, आरोप है कि उन्होंने ड्रम को काटकर शव को सीमेंट के ब्लॉक सहित बरामदे में खोदे गए गड्ढे में दफना दिया।

--आईएएनएस

एमएस/