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गुजरात जहरीली शराब कांड: पुलिस ने मेथनॉल की सप्लाई चेन का लगाया पता, दिल्ली के सप्लायर समेत 31 गिरफ्तार

 

भावनगर, 27 अगस्त (आईएएनएस)। गुजरात पुलिस के स्टेट मॉनिटरिंग सेल (एसएमसी) ने भावनगर में जहरीली शराब त्रासदी में इस्तेमाल हुई कथित मेथनॉल के स्रोत का पता दिल्ली में लगाया है। इस मामले में राष्ट्रीय राजधानी से तीन और संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है, जिससे गिरफ्तार लोगों की कुल संख्या 31 हो गई है।

अधिकारियों के अनुसार, एसएमसी ने अपनी जांच में पाया कि दिल्ली के रहने वाले प्रमोदकुमार बुडाकोटी ने कथित तौर पर दिल्ली के ही दो अन्य लोगों, रोहित प्रधान और केशव जाटव को गैर-कानूनी तरीके से मेथनॉल सप्लाई किया था।

इन दोनों ने कथित तौर पर अन्य आरोपियों के जरिए इस केमिकल को अहमदाबाद में एक ट्रांसपोर्ट कंपनी के गोदाम तक पहुंचाने का इंतजाम किया था।

दिल्ली पुलिस की मदद से एसएमसी की टीमों ने तीनों लोगों को गिरफ़्तार कर लिया। पुलिस ने कहा, "उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर लेने और गुजरात लाने की प्रक्रिया चल रही है।"

ये गिरफ़्तारियां भावनगर जिले में मेथनॉल-युक्त नकली शराब के निर्माण और वितरण की जांच का हिस्सा हैं, जिसमें 13 लोगों की मौत हो गई थी।

पुलिस ने बताया कि इस मामले में अब तक 31 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच 18 अगस्त को शुरू हुई थी, जब वारतेज पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आकस्मिक मौत का मामला दर्ज किया गया था।

इसके बाद पुलिस ने पाया कि इसमें मेथनॉल वाली ज़हरीली शराब शामिल थी और भारतीय न्याय संहिता, 2023 और गुजरात निषेध अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत 21 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया।

पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) जी एस मलिक के निर्देश पर जांच एसएमसी को सौंप दी गई और पुलिस इंस्पेक्टर एस एम जडेजा ने इसकी कमान संभाली।

दूषित शराब का पता लगाने और आगे जान-माल के नुकसान को रोकने के लिए, एसएमसी ने उन लोगों की पहचान करने के लिए कई टीमें बनाईं जिन्हें शराब सप्लाई की गई थी।

आरोपियों की पहचान करने, उन्हें गिरफ्तार करने और सबूत इकट्ठा करने के लिए दिल्ली, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और गुजरात के विभिन्न जिलों में सोलह टीमें तैनात की गईं।

पुलिस ने इस घटना के सिलसिले में लापरवाही बरतने के आरोपी सात कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की है।

एसएमसी इस बड़े नेटवर्क की जांच जारी रखे हुए है, जिसमें केमिकल खरीदना, उन्हें गुजरात पहुंचाना, जहरीली शराब बनाना और फिर उसे बांटना शामिल है।

पुलिस का कहना है कि जैसे-जैसे जांचकर्ता सप्लाई चेन का पता लगाएंगे और और सबूत इकट्ठा करेंगे, और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

--आईएएनएस

एससीएच