गुजरात सरकार ने ग्रामीण बेघर परिवारों के लिए आवासीय भूखंड समतलीकरण सहायता बढ़ाई
गांधीनगर, 26 जुलाई (आईएएनएस)। गुजरात सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों के बेघर परिवारों को आवंटित किए जाने वाले मुफ्त आवासीय भूखंडों के समतलीकरण (लेवलिंग) के लिए दी जाने वाली वित्तीय सहायता में बड़ा इजाफा किया है। सरकार ने प्रति भूखंड मिलने वाली सहायता राशि को पांच गुना और प्रति हेक्टेयर सहायता को चार गुना बढ़ा दिया है, ताकि भूमि को आवास निर्माण के लिए तैयार किया जा सके और ग्रामीण आवास विकास को गति मिले।
नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक मुफ्त आवासीय भूखंड के समतलीकरण के लिए मिलने वाली सहायता 1,000 रुपये से बढ़ाकर 5,000 रुपये कर दी गई है। वहीं, गांवों में आवंटन के लिए चिन्हित ऊबड़-खाबड़ और असमतल भूमि को समतल करने के लिए 50,000 रुपये प्रति हेक्टेयर की सहायता बढ़ाकर 2 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर कर दी गई है।
राज्य सरकार के अनुसार, इस बढ़ी हुई सहायता का उद्देश्य आवास निर्माण से पहले भूमि तैयार करने की लागत को कम करना है। विशेष रूप से उन गांवों में, जहां आवंटित किए जाने वाले भूखंड असमतल हैं और निर्माण शुरू करने से पहले उनका विकास आवश्यक होता है।
पंचायत, ग्रामीण आवास एवं ग्रामीण विकास विभाग ने 17 जुलाई को इस संबंध में प्रस्ताव जारी किया। यह निर्णय मंत्री ऋषिकेश पटेल और राज्य मंत्री संजयसिंह महिडा के मार्गदर्शन में लिया गया।
सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, यह फैसला केंद्र सरकार की 'सभी के लिए आवास' (हाउसिंग फॉर ऑल) पहल को आगे बढ़ाने की दिशा में उठाया गया कदम है। इससे ग्रामीण बेघर परिवारों को अधिक वित्तीय सहायता मिलेगी और उनके लिए स्थायी मकानों का निर्माण तेजी से हो सकेगा।
गुजरात सरकार पिछले कई वर्षों से एक योजना के तहत ग्रामीण बेघर परिवारों को 100 वर्ग गज के मुफ्त आवासीय भूखंड आवंटित कर रही है। अब संशोधित सहायता के बाद लाभार्थियों को केवल भूमि ही नहीं, बल्कि उस पर निर्माण योग्य स्थिति तैयार करने के लिए भी आर्थिक सहायता मिलेगी।
सरकार का कहना है कि इस फैसले से विशेष रूप से उन गांवों के लाभार्थियों को राहत मिलेगी, जहां आवंटित भूमि ऊबड़-खाबड़ होने के कारण बिना समतलीकरण के मकान बनाना कठिन होता है।
अधिकारियों ने बताया कि इस पहल से गांवों में आवासीय क्षेत्रों का योजनाबद्ध विकास होगा और पात्र ग्रामीण परिवारों को आवास उपलब्ध कराने की प्रक्रिया और अधिक प्रभावी एवं तेज होगी।
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