शहीद पुलिसकर्मियों को नमन, राज्यपाल ने आरआरयू में आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं लॉन्च कीं
गांधीनगर, 21 अक्टूबर (आईएएनएस)। गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने बुधवार को राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय (आरआरयू) में 'पुलिस स्मृति दिवस' के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में कर्तव्य निभाते हुए शहीद हुए 145 पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी।
उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर में प्रशिक्षण सुविधाओं का भी उद्घाटन किया।
राज्यपाल ने गुजरात पुलिस शहीद डैशबोर्ड का भी वर्चुअल रूप से उद्घाटन किया, जो राष्ट्र की सेवा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले पुलिसकर्मियों की स्मृति को संजोने के लिए एक डिजिटल पहल है।
21 अक्टूबर को आयोजित इस स्मृति दिवस में नागरिकों की सुरक्षा, सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने और कानून के शासन को कायम रखने में पुलिसकर्मियों के साहस, सत्यनिष्ठा और प्रतिबद्धता को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
इस कार्यक्रम में पुलिसिंग और आंतरिक सुरक्षा में व्यावसायिक प्रशिक्षण, संस्थागत क्षमता और तकनीकी तत्परता के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया।
अपने संबोधन में आचार्य देवव्रत ने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि देश उन लोगों का ऋणी रहेगा जिन्होंने शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया।
उन्होंने उन माता-पिता और परिवारों के प्रति सम्मान व्यक्त किया जिन्होंने उनमें देश के प्रति कर्तव्य की भावना का भाव जगाया।
भारत के अहिंसा, शांति, सहिष्णुता और बंधुत्व जैसे सभ्यतागत मूल्यों का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा कि शांति और सत्य की रक्षा के लिए कुकर्मों का सामना करने हेतु साहस और शक्ति की आवश्यकता होती है।
“वीर भोग्य वसुंधरा” के सूत्र का आह्वान करते हुए उन्होंने अन्याय का विरोध करने में वीरता, नैतिक संकल्प और दृढ़ता के महत्व पर बल दिया।
उन्होंने चेतावनी दी कि कुकर्मों के प्रति मौन रहने से और अधिक उल्लंघन को बढ़ावा मिल सकता है।
राज्यपाल ने राष्ट्र और उसके प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए सामूहिक जिम्मेदारी का आह्वान किया और राष्ट्रीय विकास में योगदान देने वाले युवाओं और अन्य लोगों की सराहना की।
विजयादशमी और बुराई पर अच्छाई की विजय के प्रतीक का उल्लेख करते हुए उन्होंने सत्यनिष्ठा और न्याय को कायम रखने के दृढ़ संकल्प के निरंतर महत्व को रेखांकित किया।
विश्वविद्यालय की उत्पत्ति को याद करते हुए आचार्य देवव्रत ने उल्लेख किया कि इसकी नींव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गुजरात के मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान रखी गई थी।
उन्होंने विभिन्न राज्यों के पुलिस कर्मियों के लिए विशेष प्रशिक्षण में आरआरयू की भूमिका पर प्रकाश डाला, विशेष रूप से साइबर अपराध और प्रौद्योगिकी-आधारित सुरक्षा चुनौतियों जैसे उभरते क्षेत्रों में।
आरआरयू के कुलपति प्रो. बिमल एन. पटेल ने पुलिसिंग, आंतरिक सुरक्षा और संबद्ध विषयों में शिक्षा, अनुसंधान, विशेष प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण के क्षेत्र में संस्थान के दायित्वों की रूपरेखा प्रस्तुत की।
विश्वविद्यालय ने आरआरयू में अपना प्रशिक्षण पूरा कर चुके 20 नव-भर्ती जीआईपीसीए जेल सहायक प्रशिक्षुओं को प्रमाण पत्र भी वितरित किए।
कार्यक्रम में सुधारात्मक प्रशासन और व्यापक आपराधिक न्याय प्रणाली के लिए कर्मियों के विकास में संस्थान की भूमिका पर प्रकाश डाला गया।
इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के अधिकारी, संकाय सदस्य, वरिष्ठ अधिकारी, प्रशिक्षु, पुलिस और सुरक्षा बलों के प्रतिनिधि और शहीदों के परिवार उपस्थित थे।
--आईएएनएस
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