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गुजरात की खाद्य सुरक्षा योजना में पांच साल में 1.14 करोड़ से ज्यादा लाभार्थी शामिल

 

गांधीनगर, 26 अगस्त (आईएएनएस)। खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा बुधवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, गुजरात में पिछले पांच वर्षों में राज्य की खाद्य सुरक्षा योजना के तहत 25 लाख से अधिक परिवारों के 1.14 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को अनाज मिला है। सरकार ने गेहूं, चावल और मोटे अनाज या तो मुफ्त में या सब्सिडी वाली दरों पर वितरित किए हैं।

खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री रमन सोलंकी ने कहा कि राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने के लिए कई उपाय किए हैं।

उन्होंने कहा कि लाभार्थियों को मासिक आधार पर और विभिन्न त्योहारों के दौरान गेहूं, चावल, चीनी, खाद्य तेल, चना और मोटा अनाज उपलब्ध कराया जाता है।

आंकड़े बताते हैं कि 2022-23 में इस योजना के तहत 3,06,026 परिवार (जिनमें 14,48,943 लाभार्थी शामिल थे) कवर किए गए थे।

2023-24 में यह संख्या बढ़कर 5,63,406 परिवार और 25,43,101 लाभार्थी हो गई।

2024-25 में 7,49,252 परिवारों (जिनमें 34,53,403 लाभार्थी शामिल थे) ने लाभ उठाया, जबकि 2025-26 में 9,20,610 परिवारों (जिनमें 39,65,325 लाभार्थी शामिल थे) को अनाज का लाभ मिला।

पांच साल की अवधि के अनाज वितरण के आंकड़ों से पता चलता है कि 2021-22 में 26.91 लाख मीट्रिक टन गेहूं और 12.57 लाख मीट्रिक टन चावल वितरित किया गया था।

2022-23 में, राज्य ने 12.66 लाख मीट्रिक टन गेहूं और 22.70 लाख मीट्रिक टन चावल वितरित किया।

2023-24 में वितरण में 9.20 लाख मीट्रिक टन गेहूं, 11.03 लाख मीट्रिक टन चावल और 1.28 लाख मीट्रिक टन मोटा अनाज शामिल थे। इसके बाद 2024-25 में 10.48 लाख मीट्रिक टन गेहूं, 11.35 लाख मीट्रिक टन चावल और 0.84 लाख मीट्रिक टन मोटे अनाज का वितरण किया गया।

2025-26 में 8.76 लाख मीट्रिक टन गेहूं, 10.45 लाख मीट्रिक टन चावल और 0.88 लाख मीट्रिक टन मोटे अनाज का वितरण किया गया।

2021-22 में अनाज वितरण पर कुल खर्च 11,118.10 लाख रुपए था, जिसमें गेहूं पर 6,640.04 लाख रुपए और चावल पर 4,478.06 लाख रुपए खर्च हुए।

यह खर्च 2022-23 में 11,677.77 लाख रुपए, 2023-24 में 6,761.85 लाख रुपए, 2024-25 में 7,665.94 लाख रुपए और 2025-26 में 7,001.25 लाख रुपए रहा।

खाद्य और नागरिक आपूर्ति निगम के अनुसार, राज्य सरकार ने पात्र लाभार्थियों तक समय पर और पारदर्शी तरीके से अनाज पहुंचाना सुनिश्चित करने का प्रयास किया है।

--आईएएनएस

एमएस/