×

गुजरात में 11 लाख से ज्यादा छात्रों का नामांकन, स्कूल एडमिशन अभियान 17,338 गांवों तक पहुंचा

 

गांधीनगर, 24 जून (आईएएनएस)। बुधवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, राज्य सरकार के 'कन्या केलवणी महोत्सव और शाला प्रवेशोत्सव 2026' अभियान के तहत पहले दो दिनों में पूरे गुजरात में 11.20 लाख से ज्यादा छात्रों का नामांकन किया गया है। इस नामांकन अभियान में 17,000 से ज्यादा गांव और लगभग 25,000 स्कूल शामिल हैं।

स्कूल में दाखिले के सालाना अभियान के दूसरे दिन राज्य भर के 8,173 गांवों और 11,987 स्कूलों में कार्यक्रम आयोजित किए गए।

मंत्रियों, चुने हुए प्रतिनिधियों और वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों सहित कुल 29,682 गणमान्य व्यक्तियों ने स्कूलों का दौरा किया ताकि बच्चों का स्वागत किया जा सके और दाखिले के लिए प्रोत्साहित किया जा सके।

पहले दो दिनों के संयुक्त आंकड़ों से पता चलता है कि इस अभियान में 17,338 गांव और 24,716 स्कूल शामिल हुए हैं, और विभिन्न कार्यक्रमों में 60,184 जन-प्रतिनिधियों और अधिकारियों ने भाग लिया है। सरकार ने कहा, "इस अभियान के परिणामस्वरूप अब तक 11.20 लाख से अधिक छात्रों का दाखिला हुआ है।"

दाखिला अभियान का 24वां संस्करण सोमवार को मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने वडनगर के बी.एन. हाई स्कूल से शुरू किया; इसी स्कूल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने बचपन में पढ़ाई की थी।

इस अभियान का उद्देश्य साक्षरता के स्तर को बढ़ाना और यह सुनिश्चित करना है कि सभी पात्र बच्चे शिक्षा प्रणाली में शामिल हों।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, बुधवार को आंगनवाड़ी और प्री-प्राइमरी संस्थानों में दाखिले के माध्यम से 62,000 से अधिक बच्चों ने अपनी शैक्षिक यात्रा शुरू की।

बालवाटिका कक्षाओं में, दाखिले की संख्या पहचाने गए पात्र बच्चों की संख्या से अधिक रही; 139,925 पात्र बच्चों के मुकाबले 1.40 लाख से अधिक दाखिले दर्ज किए गए।

राज्य में कक्षा 1 में 34,000 से अधिक, कक्षा 9 में 1,96,755 और कक्षा 11 में 1,01,759 छात्रों का दाखिला भी दर्ज किया गया।

इसके अलावा, राज्य के 'बैक टू स्कूल सर्वे' के माध्यम से पहचाने गए 21,892 छात्रों को अभियान के दौरान शैक्षणिक संस्थानों में दाखिला दिया गया।

शिक्षा तक पहुंच बेहतर बनाने के प्रयासों के तहत, सरकार ने कहा कि उसने 847 स्कूलों को नई परिवहन सुविधाएं प्रदान कीं।

इस पहल का उद्देश्य दूर-दराज और कम सुविधा वाले क्षेत्रों के छात्रों को शैक्षणिक संस्थानों तक आसानी से पहुंचने में मदद करना है। सरकार ने कार्यक्रम के दौरान 5,664 छात्राओं को 'विद्यालक्ष्मी बॉन्ड' भी वितरित किए।

इन बॉन्ड का उद्देश्य लड़कियों की शिक्षा जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करना और उच्च शिक्षा प्राप्त करने में उनकी सहायता करना है।

इस अभियान को जन-भागीदारी का भी समर्थन मिला। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इस अभियान के दौरान 9.19 करोड़ रुपए से ज्यादा का योगदान मिला।

इसमें 1.25 करोड़ रुपए से ज्यादा का नकद दान और राज्य भर के स्कूलों को दान की गई 7.95 करोड़ रुपये से ज्यादा कीमत की पढ़ाई-लिखाई की सामग्री शामिल थी।

राज्य सरकार ने 2003 में 'कन्या केलवणी महोत्सव' और 'शाला प्रवेशोत्सव' शुरू किए थे। यह पूरे राज्य में स्कूल में दाखिले को बेहतर बनाने की एक पहल थी, खासकर लड़कियों और पिछड़े समुदायों के बच्चों के लिए।

यह कार्यक्रम हर साल नए एकेडमिक सेशन से पहले आयोजित किया जाता है और इसमें गुजरात भर के गांवों और स्कूलों में लोगों तक पहुँचने वाली गतिविधियाँ शामिल होती हैं।

--आईएएनएस

एससीएच