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गुजरात के डिप्टी सीएम हर्ष संघवी ने अहमदाबाद में विशाल 'तिरंगा यात्रा' का नेतृत्व किया

 

अहमदाबाद, 12 अगस्त (आईएएनएस)। बुधवार को अहमदाबाद में एक लाख से ज्यादा नागरिक 'तिरंगा यात्रा' में शामिल हुए। आजादी के जश्न की तैयारी के तौर पर शहर में रायपुर से सारंगपुर तक एक जुलूस निकाला गया, जिसमें लोगों ने तिरंगा लहराया और देश की सेना के प्रति सम्मान व्यक्त किया।

डिप्टी सीएम हर्ष संघवी ने रायपुर में राष्ट्रीय ध्वज फहराकर यात्रा की शुरुआत की।

यह जुलूस अहमदाबाद नगर निगम द्वारा 'हर घर तिरंगा' अभियान के तहत आयोजित किया गया था। यह आयोजन आजादी के जश्न और 'वंदे मातरम' के 150 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में किया गया था।

यह यात्रा पहले 11 अगस्त को होनी थी, लेकिन बाद में इसे 12 अगस्त के लिए पुनर्निर्धारित किया गया। शहरी विकास राज्य मंत्री दर्शना वाघेला भी इस जुलूस में शामिल हुईं।

कार्यक्रम में बोलते हुए संघवी ने कहा कि कश्मीर से कन्याकुमारी तक और गांवों से लेकर बड़े शहरों तक, आज देशभक्ति का सिर्फ एक ही रंग है... तिरंगे का रंग।

उन्होंने कहा कि सैनिक भीषण गर्मी, मूसलाधार बारिश, कड़ाके की ठंड और अन्य कठिन परिस्थितियों में भी देश की रक्षा के लिए डटे रहे।

उन्होंने कहा कि सैनिकों और उनके परिवारों के प्रति आभार व्यक्त करना नागरिकों की जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से सैनिकों के साहस को सलाम करने और 'भारत माता की जय' के नारों के साथ देशभक्ति का संदेश पूरे देश में फैलाने की अपील की।

संघवी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'हर घर तिरंगा' अभियान के आह्वान ने इसे एक राष्ट्रव्यापी जन-आंदोलन में बदल दिया है, जिसमें बच्चों से लेकर बुज़ुर्गों तक और गांवों व शहरों के निवासी राष्ट्रीय ध्वज के साथ भाग ले रहे हैं।

डिप्टी सीएम ने अहमदाबाद की रैली में युवाओं, महिलाओं और बुजुर्ग नागरिकों की भागीदारी को शहर की देशभक्ति की भावना का प्रतीक बताया।

संघवी ने नागरिकों से राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान बनाए रखने की भी अपील की। ​​उन्होंने कहा कि तिरंगा हमेशा ऊंचा लहराना चाहिए और यह ध्यान रखना चाहिए कि यह गलती से भी सड़क पर न गिरे। रैली के बाद, नागरिकों को झंडे को ठीक से मोड़ना चाहिए, सम्मानपूर्वक घर ले जाना चाहिए और सही तरीके से संभाल कर रखना चाहिए।

यह रैली बिग बाजार-रायपुर इलाके से शुरू हुई और पुराने शहर के कई हिस्सों से गुजरते हुए सारंगपुर में समाप्त हुई।

पूरे रास्ते को तिरंगे के रंगों से सजाया गया था और रायपुर चार रास्ता, खाडिया गेट और सारंगपुर चार रास्ता जैसी जगहों पर स्वागत के लिए 11 मंच बनाए गए थे।

इन मंचों पर देशभक्ति के गीत और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें 'वंदे मातरम', 'सारे जहां से अच्छा', और 'ऐ मेरे वतन के लोगों' जैसे गीत शामिल थे। यात्रा के दौरान अहमदाबाद स्कूल बोर्ड के शिक्षकों ने 300 फुट लंबा राष्ट्रीय ध्वज उठाया हुआ था।

--आईएएनएस

एमएस/