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गुजरात डीजीपी ने की साइबर अपराध नियंत्रण व्यवस्था की समीक्षा, शिकायतों पर तेज कार्रवाई के निर्देश

 

गांधीनगर, 4 अगस्त (आईएएनएस)। गुजरात के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ज्ञानेंद्र सिंह मलिक ने मंगलवार को गांधीनगर स्थित साइबर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने साइबर अपराध जांच, डिजिटल फोरेंसिक सुविधाओं और नागरिक सहायता तंत्र की समीक्षा की।

इस दौरान ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामलों से निपटने और राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन की पहुंच बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।

निरीक्षण के दौरान मलिक ने कामकाज का आकलन किया। उन्होंने साइबर अपराध जांच प्रक्रियाओं, तकनीकी विश्लेषण और केंद्र की विभिन्न विशेष शाखाओं के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने यह भी देखा कि साइबर धोखाधड़ी से जुड़ी शिकायतें किस तरह प्राप्त होती हैं, शुरुआती प्रतिक्रिया कितनी तेजी से दी जाती है और पीड़ितों को किस प्रकार की तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जाती है।

डीजीपी ने मोबाइल फोन और कंप्यूटर फोरेंसिक, डेटा रिकवरी प्रक्रियाओं तथा जांच में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए अपनाए जा रहे उपायों सहित डिजिटल साक्ष्यों के वैज्ञानिक तरीके से रखरखाव की भी समीक्षा की।

वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा करते हुए मलिक ने जटिल होते जा रहे साइबर अपराधों को सुलझाने के लिए उन्नत तकनीक और खुफिया विश्लेषण के अधिक उपयोग पर जोर दिया।

उन्होंने नागरिकों की सुविधा बढ़ाने और ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी व अन्य साइबर अपराधों के पीड़ितों को तेजी से मदद उपलब्ध कराने के लिए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 के विस्तार की योजनाओं पर भी चर्चा की।

इस दौरे के दौरान ऑनलाइन साइबर बुलिंग, सोशल मीडिया से जुड़े अपराधों और महिलाओं व बच्चों को प्रभावित करने वाले अपराधों से निपटने के लिए चल रही पहलों की भी समीक्षा की गई।

अधिकारियों ने डीजीपी को इन क्षेत्रों में चलाए जा रहे विशेष अभियानों और डिजिटल सुरक्षा बढ़ाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी।

समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को संबोधित करते हुए मलिक ने कहा, "साइबर सुरक्षा पुलिस विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।"

उन्होंने कहा कि साइबर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस जैसी आधुनिक सुविधाएं नागरिकों को सुरक्षित डिजिटल वातावरण उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

डीजीपी ने विभाग की साइबर पुलिसिंग क्षमताओं को मजबूत करने के लिए कई निर्देश जारी किए।

इनमें साइबर जांच की गुणवत्ता में सुधार करना ताकि अदालतों में अधिक मजबूत वैज्ञानिक साक्ष्य प्रस्तुत किए जा सकें, तथा पुलिस कर्मियों को आधुनिक साइबर उपकरणों और तकनीक आधारित जांच पद्धतियों का प्रशिक्षण देने के लिए नियमित कार्यक्रम आयोजित करना शामिल है।

यह निरीक्षण गुजरात पुलिस के उन निरंतर प्रयासों का हिस्सा है, जिनका उद्देश्य साइबर अपराधों की पहचान और जांच को मजबूत करना, डिजिटल फोरेंसिक क्षमताओं को बेहतर बनाना तथा पीड़ितों को सहायता प्रदान करने की व्यवस्था को प्रभावी बनाना है। साइबर अपराधों की बढ़ती जटिलता को देखते हुए इन प्रयासों को अहम माना जा रहा है।

--आईएएनएस

एएमटी/एबीएम