एनसीबी ने गांधीनगर मेफेड्रोन तस्करी मामले में 2 ड्रग तस्करों को दोषी ठहराया
गांधीनगर, 20 अगस्त (आईएएनएस)। गांधीनगर की जिला और सत्र अदालत ने गुरुवार को मेफेड्रोन की तस्करी के मामले में 2 लोगों को दोषी करार दिया।
एनसीबी की अहमदाबाद जोनल यूनिट द्वारा जांचे गए इस मामले में कोर्ट ने शाहिदा बीबी उर्फ सईदा बी और राधेश्याम सोलंकी को दोषी ठहराया। दोनों पर एनडीपीएस एक्ट के तहत केस चला था।
एनसीबी को गुप्त सूचना मिली थी कि मध्य प्रदेश से गुजरात में नशे की तस्करी हो रही है। इसी जानकारी के आधार पर एनसीबी के अधिकारियों ने 21 फरवरी 2023 को गांधीनगर में एनएच-48 पर चंद्राला पुलिस नाका पर अशोक ट्रेवल्स की एक बस को रोका।
यह बस मध्य प्रदेश के जावरा-मंदसौर से अहमदाबाद आ रही थी। तलाशी के दौरान बस में सफर कर रहे शाहिदा बीबी और राधेश्याम सोलंकी से 198.90 ग्राम मेफेड्रोन बरामद हुआ। मेफेड्रोन एक प्रतिबंधित साइकोट्रॉपिक पदार्थ है।
एनसीबी की जांच में सामने आया कि दोनों राज्य की सीमा पार कर व्यावसायिक मात्रा में नशे को अवैध बिक्री के लिए ले जा रहे थे एजेंसी के मुताबिक शाहिदा बीबी अहमदाबाद शहर में मेफेड्रोन की अवैध तस्करी और बिक्री में शामिल थी। वहीं बस ड्राइवर राधेश्याम सोलंकी जावरा से अहमदाबाद तक नशा पहुंचाने का काम कर रहा था। बरामद नशा दोनों के कब्जे में पाया गया।
एनसीबी ने 17 अगस्त 2023 को जिला और सत्र न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। 19 अगस्त को सुनवाई के बाद कोर्ट ने फैसला सुनाया। मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के सुजालपुर निवासी शाहिदा बीबी को 20 साल के कठोर कारावास और 2 लाख रुपए जुर्माने की सजा दी गई।
रतलाम जिले के जावरा निवासी राधेश्याम सोलंकी को 10 साल के कठोर कारावास और 1 लाख रुपए जुर्माना लगाया गया।
एनसीबी ने कहा कि यह फैसला एक विस्तृत ट्रायल के बाद आया है। यह मामला सड़क मार्ग से मेफेड्रोन को गुजरात लाने वाले अंतर्राज्यीय नशा तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश करता है। एनसीबी के अधिकारियों ने इसे राज्य में नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई बताया।
--आईएएनएस
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