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गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की

 

सूरत, 9 जुलाई (आईएएनएस)। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गुरुवार को सूरत नगर निगम कार्यालय में बैठक कर शहर में बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की। लगातार कई दिनों से हो रही भारी बारिश के कारण शहर के कई इलाके जलमग्न हो गए हैं। ऐसे में राहत और पुनर्वास का काम लगातार जारी है।

समीक्षा बैठक में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल, राज्य के गृह मंत्री हर्ष संघवी, वित्त मंत्री कनुभाई देसाई, स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पंशेरिया और कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

हर्ष संघवी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर लिखा, "सूरत नगर निगम कार्यालय में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल की मौजूदगी में भारी बारिश से बने हालात की समीक्षा के लिए बैठक आयोजित की गई।"

मुख्यमंत्री का यह दौरा सूरत में हुई भारी बारिश और उसके बाद आई बाढ़ के बीच हुआ। बारिश के कारण शहर के कई इलाके जलमग्न हो गए, यातायात प्रभावित हुआ और लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए बड़े स्तर पर राहत और बचाव अभियान चलाया गया।

राज्य के अधिकारी स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहे हैं, क्योंकि कई निचले इलाकों में जलस्तर ऊंचा बना हुआ है।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, बुधवार सुबह तक बीते 24 घंटों में सूरत में करीब 358 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। भारी बारिश के कारण शहर के कई इलाकों में गंभीर जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बन गए।

जानकारी के अनुसार, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) और अन्य एजेंसियों की टीमों ने जलमग्न इलाकों से 7,386 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है।

गुरुवार को बारिश कम हुई, लेकिन शहर के कई रिहायशी इलाकों, सड़कों, बाजारों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और औद्योगिक क्षेत्रों में अब भी पानी भरा हुआ है। ऐसे में प्रशासन पानी निकालने, जरूरी सेवाएं बहाल करने और प्रभावित लोगों की मदद करने में जुटा है।

राज्य में भारी बारिश के कारण कई लोगों की जान भी गई है। राहत और बचाव दल लगातार तैनात हैं, जबकि प्रशासन प्रभावित इलाकों में राहत कार्य चला रहा है और दक्षिण गुजरात के मौसम पर लगातार नजर बनाए हुए है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग ने राज्य के कुछ इलाकों में फिर से भारी बारिश की संभावना जताई है। इसे देखते हुए प्रशासन को सतर्क रहने और सभी जरूरी तैयारियां बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।

--आईएएनएस

एसएचके/डीकेपी