☰
×

गुजरात: छह राज्यों और एक केंद्रशासित प्रदेश के 150 युवा 'वंदे मातरम्' शिविर में हुए शामिल

 

गांधीनगर, 22 अक्टूबर (आईएएनएस)। राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और सुशासन व राष्ट्र निर्माण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से छह राज्यों और एक केंद्रशासित प्रदेश के करीब 150 युवा गांधीनगर के अडालज में आयोजित सात दिवसीय शिविर में शामिल हुए हैं।

'वंदे मातरम् कैंप' का आयोजन माय भारत गांधीनगर द्वारा हार्टफुलनेस मेडिटेशन सेंटर में किया गया है। इस शिविर का उद्घाटन गुरुवार को प्राथमिक, माध्यमिक और वयस्क शिक्षा राज्य मंत्री रिवाबा जडेजा ने किया। यह शिविर 28 अक्टूबर तक चलेगा।

इस कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना, केरल और बिहार के अलावा दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव से आए युवा भाग ले रहे हैं। शिविर का उद्देश्य युवाओं के बीच आपसी समझ बढ़ाना और राष्ट्रीय पहचान की साझा भावना को मजबूत करना है।

शिविर का उद्घाटन सभी प्रतिभागियों द्वारा सामूहिक रूप से 'वंदे मातरम्' गाकर किया गया। इस अवसर पर केरल के प्रतिभागियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम के तहत नृत्य प्रस्तुति भी दी, जिसने देश की सांस्कृतिक विविधता को दर्शाया।

रिवाबा जडेजा ने युवाओं के साथ संवाद किया और राष्ट्रीय गीत, विकसित भारत के विजन, सुशासन, राष्ट्रीय विकास नीतियों तथा 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान जैसे विषयों पर चर्चा की।

उन्होंने युवाओं को जिम्मेदार नागरिक बनने और राष्ट्र निर्माण तथा सतत विकास में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम में गुजरात राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष धर्मिष्ठा गज्जर, माय भारत गुजरात के निदेशक सचिन शर्मा, सहायक निदेशक श्रेयांश सिंह और उपनिदेशक पंकज यादव भी उपस्थित रहे।

शिविर के कार्यक्रम के तहत 24 अक्टूबर को प्रतिभागी राज्यपाल आवास का दौरा करेंगे और जिला कलेक्टर के साथ संवाद करेंगे। इस दौरान उन्हें प्रशासनिक व्यवस्था और शासन की कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी दी जाएगी।

इसके अलावा साइंस सिटी और साबरमती के शैक्षणिक भ्रमण का भी आयोजन किया गया है, ताकि प्रतिभागी गुजरात की वैज्ञानिक, शैक्षणिक और ऐतिहासिक विरासत से परिचित हो सकें।

माय भारत, गांधीनगर के जिला युवा अधिकारी के अनुसार, यह कार्यक्रम सांस्कृतिक गतिविधियों, संवाद सत्रों और शैक्षणिक यात्राओं के माध्यम से जागरूक, जिम्मेदार और सक्षम युवाओं का निर्माण करने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।

यह पहल देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए युवाओं को एक मंच पर लाकर उनकी संस्कृति और परंपराओं को साझा करने तथा देश के विकास में अपनी भूमिका को समझने का अवसर प्रदान करती है।

--आईएएनएस

एएमटी/डीकेपी