☰
×

एलटीसीजी टैक्स पर अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी, बजट की तैयारी शुरू हो चुकी है: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

 

नई दिल्ली, 13 अक्टूबर (आईएएनएस)। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (एलटीसीजी) टैक्स व्यवस्था में बदलाव की संभावना से इनकार नहीं किया, और कहा कि अगले केंद्रीय बजट की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं और यह कहने का अभी सही समय नहीं है कि सरकार किन मुद्दों पर विचार करेगी।

ब्लूमबर्ग न्यू इकॉनमी फोरम में बोलते हुए वित्त मंत्री ने स्वीकार किया कि भारत और विदेशों के निवेशक इस मुद्दे पर अपनी राय रख रहे हैं।

हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (एसटीटी) का सवाल भी इससे जुड़ा हुआ है।

उन्होंने कहा कि बाजार के प्रतिभागियों ने यह मुद्दा उठाया है कि क्या सभी एसेट क्लास के साथ समान व्यवहार किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि सरकार इन सभी मुद्दों पर आने वाले विचारों और सुझावों को गंभीरता से सुनेगी।

वित्त मंत्री की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब सरकार वित्त वर्ष 2027-28 के केंद्रीय बजट की तैयारी कर रही है, जिसे 1 फरवरी, 2027 को पेश किया जाना है।

मौजूदा नियमों के तहत, एक साल से अधिक समय तक रखे गए सूचीबद्ध इक्विटी शेयरों और इक्विटी म्यूचुअल फंड पर होने वाले लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन पर 12.5 प्रतिशत कर लगाया जाता है, जबकि सालाना 1.25 लाख रुपए तक के लाभ को कर से छूट प्राप्त है।

इन बदलावों को जुलाई 2024 के बजट में लागू किया गया था, जब सरकार ने एलटीसीजी कर की दर 10 प्रतिशत से बढ़ाई थी और कर छूट की सीमा को 1 लाख रुपए से बढ़ाकर 1.25 लाख रुपए किया था।

बजट 2026 में बाजार के कुछ वर्गों की ओर से कर दर कम करने या छूट सीमा बढ़ाने की उम्मीदों के बावजूद पूंजीगत लाभ कर की मौजूदा संरचना को बरकरार रखा गया था।

हालांकि, फ्यूचर्स और ऑप्शंस (एफएंडओ) ट्रेडिंग पर सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स में बढ़ोतरी की गई थी।

उधर, उद्योग संगठनों और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने कई बार यह तर्क दिया है कि भारत की पूंजीगत लाभ कर व्यवस्था घरेलू इक्विटी बाजारों की प्रतिस्पर्धात्मकता को प्रभावित करती है और निवेश प्रवाह पर असर डालती है।

इसके साथ ही, विदेशी निवेशक इस वर्ष लंबे समय तक भारतीय इक्विटी बाजारों में शुद्ध बिकवाल बने रहे हैं।

वित्त मंत्री की टिप्पणियों के बाद शेयर बाजार में तेजी देखी गई और कारोबार के अंत में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों प्रमुख सूचकांक 1 प्रतिशत से अधिक की बढ़त के साथ बंद हुए।

--आईएएनएस

डीबीपी