×

किरोड़ी लाल मीणा के आरोपों पर डोटासरा का जवाब, बोले- मामला पहले ही निपट चुका है, जांच करा लें

 

जयपुर, 24 जून (आईएएनएस)। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा ने बुधवार को राज्य के कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा द्वारा लगाए गए आरोपों को खारिज कर दिया। उन्होंने मंत्री मीणा और भाजपा सरकार पर कृषि विभाग में कथित खाद-बीज घोटाले से लोगों का ध्यान भटकाने का आरोप लगाया।

राज्य कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में डोटासरा ने कहा कि दूसरों पर आरोप लगाने से पहले मंत्री मीणा को अपने विभाग में कथित भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने सीमा सुरक्षा और यमुना जल समझौते सहित कई मुद्दों पर राज्य सरकार की आलोचना भी की।

ओबीसी प्रमाण पत्र और नियुक्तियों को लेकर लगाए गए आरोपों पर जवाब देते हुए डोटासरा ने कहा कि 1999 से केंद्र और राजस्थान सरकार द्वारा बनाए गए नियमों के अनुसार सभी कार्य किए गए थे। उन्होंने कहा कि 2019 का जिस परिपत्र का हवाला दिया जा रहा है, वह केवल एक त्रुटिपूर्ण पत्र था, जिसे 2021 में सुधार कर राजस्थान लोक सेवा आयोग को स्पष्ट कर दिया गया था।

हाल ही में मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा को पत्र लिखकर आरोप लगाया था कि डोटासरा और उनके बहनोई के पास फर्जी ओबीसी प्रमाण पत्र हैं और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी।

इस पर डोटासरा ने कहा कि यह मामला पहले ही अदालतों और पूर्ववर्ती सरकारों द्वारा निपटाया जा चुका है। उन्होंने कहा कि यदि वर्तमान भाजपा सरकार को अब भी कोई संदेह है तो वह किसी भी स्तर पर जांच करा सकती है और वह पूरी तरह सहयोग करने के लिए तैयार हैं।

डोटासरा ने आरोप लगाया कि मंत्री मीणा पांच साल पुराने मुद्दे को फिर से उठाकर कृषि विभाग में कथित भ्रष्टाचार से ध्यान हटाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कृषि विभाग के तहत हुई छापेमारी और कथित तौर पर 2.43 करोड़ रुपए की रिश्वत राशि बरामद होने का मुद्दा उठाते हुए कहा कि स्वयं मंत्री मीणा ने स्वीकार किया है कि विभाग में उनकी जानकारी के बिना अनियमितताएं हो रही थीं।

उन्होंने कहा कि यदि विभाग के निदेशक स्तर के अधिकारी और डिकॉय टीम के सदस्य अवैध वसूली करते हुए पकड़े जाते हैं तो इसकी नैतिक जिम्मेदारी विभागीय मंत्री और राज्य सरकार दोनों की बनती है।

डोटासरा ने कहा कि यदि मंत्री मीणा खुद को पूरी तरह ईमानदार मानते हैं तो उन्हें तुरंत मुख्यमंत्री से इस मामले की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप से जांच कराने की मांग करनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि यह घोटाला 300 करोड़ से 500 करोड़ रुपए तक का हो सकता है।

उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि इतनी बड़ी राशि की कथित बरामदगी के बावजूद प्रवर्तन निदेशालय ने अब तक कार्रवाई क्यों नहीं की। साथ ही विभाग द्वारा की गई 1,200 छापेमारियों की भी जांच की मांग की।

डोटासरा ने कहा कि मुख्यमंत्री को 'लक्ष्मण रेखा' पार न करने की चेतावनी देने के बजाय मंत्री मीणा को अपने विभाग के कामकाज की गहन जांच सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने कहा, "यदि निष्पक्ष जांच के बाद मंत्री मीणा निर्दोष पाए जाते हैं, तो मैं व्यक्तिगत रूप से उनका धन्यवाद करूंगा।"

राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को बदहाल बताते हुए डोटासरा ने आरोप लगाया कि अस्पतालों में इलाज और दवाओं की कमी है, और जहां दवाएं उपलब्ध हैं, वहां नकली दवाएं दी जा रही हैं। उन्होंने कोटा में पांच गर्भवती महिलाओं, बीकानेर में दो और जोधपुर में एक गर्भवती महिला की मौत का हवाला देते हुए राज्य सरकार को असंवेदनशील बताया।

उन्होंने आरोप लगाया कि मिलावटी दवाओं और नकली ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन के कारण मरीजों के गुर्दे प्रभावित हो रहे हैं। साथ ही उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खिमसर की टिप्पणियों की भी आलोचना की।

राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर डोटासरा ने कहा कि कांग्रेस सरकार के साथ मजबूती से खड़ी है। हालांकि, उन्होंने धार्मिक स्थलों को हटाने से पहले केवल एक-दो घंटे का नोटिस दिए जाने की आलोचना करते हुए कहा कि इससे सांप्रदायिक तनाव पैदा हो सकता है और शासन की विफलताओं को छिपाने की कोशिश की जा रही है।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की किसी भी कार्ययोजना पर सर्वदलीय बैठक में चर्चा होनी चाहिए और उसकी जानकारी मीडिया तथा जनता के साथ साझा की जानी चाहिए।

कोचिंग संस्थानों को सील करने के मुद्दे पर डोटासरा ने कहा कि प्रशासन को किसी हादसे का इंतजार नहीं करना चाहिए। छात्रों की सुरक्षा और हितों को ध्यान में रखते हुए नियमित निरीक्षण और सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जाने चाहिए।

--आईएएनएस

एएमटी/डीकेपी