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महाराष्ट्र सरकार किसानों को समर्थन देने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी: उपमुख्यमंत्री शिंदे

 

परभणी, 7 अक्टूबर (आईएएनएस)। शिवसेना प्रमुख नेता और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बुधवार को कहा कि पार्टी सूखे के दौरान राज्य के किसानों और 'प्रिय बहनों' को नहीं छोड़ेगी और सरकार कृषि समुदाय को समर्थन देने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी।

किसानों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने आश्वासन दिया कि ऋण वसूली रोकने, ऋण पुनर्गठन की सुविधा प्रदान करने और चारे की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि शिवसेना इस संकट के दौरान किसानों और उनके परिवारों को पूरी तरह से समर्थन देने के लिए समर्पित रहेगी।

वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक सेवा में 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में शिवसेना द्वारा राज्य भर में शुरू की गई 'सेवा से समर्पण' पहल के शुभारंभ के अवसर पर बोल रहे थे।

इस पहल के तहत, शिवसेना किसानों के बच्चों को 25,000 साइकिलें और महिलाओं को 25,000 सिलाई मशीनें वितरित करेगी, साथ ही जरूरतमंद किसानों और परिवारों को 'आनंदाचा शिधा' (त्योहारी राशन किट) और अन्य आवश्यक वस्तुएं भी उपलब्ध कराएगी।

पार्टी सामुदायिक विवाह समारोहों का आयोजन भी करेगी और 25 एम्बुलेंस का उद्घाटन करेगी।

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने स्वयं किसानों के बच्चों को साइकिलें और महिलाओं को सिलाई मशीनें वितरित कीं।

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि महाराष्ट्र गंभीर सूखे की स्थिति का सामना कर रहा है, और उन्होंने राज्य भर के किसानों और महिलाओं को हो रही कठिनाइयों को स्वीकार किया।

उन्होंने कहा कि शिवसेना ने इस कठिन समय में किसानों और उनके परिवारों के साथ मजबूती से खड़े रहने का संकल्प लिया है।

उन्होंने प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता प्रदान करने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि सूखे के संकट के कारण किसानों की दिवाली फीकी नहीं पड़ने दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि अपने व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनसे एक घंटे की बातचीत की, जिसमें लगभग आधी चर्चा महाराष्ट्र में सूखे की स्थिति और महिलाओं के कल्याण पर केंद्रित थी।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने राज्य को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने आगे कहा कि राज्य सरकार ने पहले ही सूखा घोषित कर दिया है और राज्य मंत्रिमंडल के सभी सदस्यों ने खेतों का दौरा किया, किसानों से मुलाकात की और उनकी शिकायतें सुनीं।

उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से राजनीतिक स्वार्थों को दरकिनार रखते हुए किसानों के कल्याण के लिए मिलकर काम करने की अपील की।

--आईएएनएस

एमएस/