महाराष्ट्र के मंत्री ने किलों और स्मारकों के संरक्षण की मुहिम को आगे बढ़ाया
मुंबई, 25 अगस्त (आईएएनएस)। महाराष्ट्र भर में किलों, प्राचीन मंदिरों और ऐतिहासिक स्मारकों के संरक्षण कार्यों में तेजी लाने के लिए, जिला वार्षिक योजना (सामान्य) के तहत मिलने वाली धनराशि का तीन प्रतिशत हिस्सा संरक्षण कार्यों में इस्तेमाल करने की सुविधा को 2026-27 तक बढ़ा दिया गया है।
सांस्कृतिक मामलों के मंत्री आशीष शेलार ने मंगलवार को अधिकारियों को इस फंड और विभागीय आवंटन के तहत संरक्षण कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया। उनकी अध्यक्षता में हुई बैठक में अधिकारियों ने सिंधुदुर्ग जिले में नंदोस किले, भगवंतगढ़ और सिद्धगढ़ के संरक्षण पर कई अहम फैसले लिए।
नंदोस किले में एक साइट म्यूज़ियम बनाया जाएगा, जिसका प्रबंधन स्थानीय ग्राम पंचायत संभालेगी। आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करके भगवंतगढ़ के डिजिटल सर्वे के लिए प्रशासनिक मंजूरी दी जाएगी, जिसके बाद विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी। सिद्धगढ़ को राज्य संरक्षित स्मारक घोषित करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
शेलार ने कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए एहतियाती आदेश जारी किए गए हैं कि प्रक्रिया पूरी होने तक किले के परिसर में कोई अवैध खुदाई या खनन न हो।
पुरातत्व और संग्रहालय निदेशालय की जिला वार्षिक योजना के माध्यम से राज्य भर में 184 स्मारकों के संरक्षण के लिए अनुमानित 441.14 करोड़ रुपए की तकनीकी मंजूरी दी गई। इनमें से 161 कार्यों को 372.34 करोड़ रुपए की प्रशासनिक मंजूरी मिल चुकी है, जबकि 105.61 करोड़ रुपए के 52 कार्य पूरे हो चुके हैं।
फिलहाल, 184.68 करोड़ रुपए के 108 कार्य चल रहे हैं। इसके अलावा, विभागीय फंड के ज़रिए 627.62 करोड़ रुपए के 108 कार्यों को मंजूरी दी गई है; इनमें से 16 पूरे हो चुके हैं और 86 पर काम चल रहा है।
बैठक में सांस्कृतिक मामलों के विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, जिनमें पुरातत्व और संग्रहालय निदेशालय के निदेशक तेजस गर्गे शामिल थे, जिला अधिकारी और स्थानीय जन-प्रतिनिधि मौजूद थे।
--आईएएनएस
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