फ्लाईदुबई विमान को सुरक्षित बचाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित की बहादुरी को दुनियाभर में मिली सराहना
अबू धाबी, 2 नवंबर (आईएएनएस)। फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड1073 के भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार को उनकी बहादुरी के लिए दुनियाभर में सराहना मिल रही है। एक रिपोर्ट के अनुसार, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), भारत, इजरायल और अमेरिका सहित कई देशों से उन्हें सम्मान और शुभकामनाएं मिल रही हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि यूएई ने जहां आधिकारिक तौर पर कैप्टन मच्छार और फ्लाइट क्रू को सम्मानित किया है, वहीं इजरायल ने भी उनके स्वस्थ होने के बाद उन्हें एक नागरिक वीरता पुरस्कार देने की घोषणा की है।
दुनियाभर के नेताओं के समर्थन संदेशों और आधिकारिक सम्मान के अलावा यूएई में रहने वाले लोगों ने भी उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। कॉकपिट में हुई एक गंभीर घटना में घायल होने के बाद समुदाय के कई लोग उनके समर्थन में सामने आए हैं।
अबू धाबी स्थित बीएपीएस हिंदू मंदिर में संतों और श्रद्धालुओं ने उनके स्वास्थ्य लाभ के लिए विशेष प्रार्थनाएं कीं। मंदिर की ओर से साझा किए गए एक वीडियो में पुरुष, महिलाएं और बच्चे भजन गाते नजर आए जबकि पुजारियों ने विशेष पूजा-अर्चना की।
मंदिर प्रशासन ने कहा कि यह आयोजन कैप्टन मच्छार के साहस को सम्मान देने और उनके पूर्ण स्वस्थ होने की प्रार्थना करने के लिए किया गया था।
मंदिर प्रशासन ने अपने संदेश में कहा, "हम उनके जल्द और पूरी तरह स्वस्थ होने की प्रार्थना करते हैं और इस कठिन समय में उनके परिवार और प्रियजनों को शक्ति मिलने की कामना करते हैं।"
30 सितंबर को कैप्टन मच्छार दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान का संचालन कर रहे थे। इसी दौरान सह-पायलट ने कॉकपिट के अंदर उन पर हिंसक हमला कर दिया।
गंभीर रूप से घायल होने और कई बार बेहोश होने के बावजूद कैप्टन मच्छार कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफल रहे, जिससे केबिन क्रू और यात्रियों को अंदर पहुंचकर मदद करने का मौका मिला।
इसके बाद विमान का मार्ग बदलकर सऊदी अरब के तबुक शहर की ओर कर दिया गया, जहां विमान सुरक्षित रूप से उतारा गया। रिपोर्ट के मुताबिक, कैप्टन, क्रू और यात्रियों के साहसिक कदमों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना हुई है। उनकी तत्परता ने विमान में मौजूद लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाई।
पिछले सप्ताह यूएई ने कैप्टन स्मित मच्छार और फ्लाईदुबई के क्रू सदस्यों को उनकी बहादुरी और पेशेवर रवैये के लिए सम्मानित किया था।
यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने घटना में शामिल क्रू सदस्यों को फर्स्ट क्लास ऑर्डर ऑफ जायद-द्वितीय से सम्मानित किया। यह सम्मान यात्रियों की सुरक्षा और आपात स्थिति में विमान को सुरक्षित रखने के लिए उनके साहस को मान्यता देता है।
यह सम्मान दुबई के क्राउन प्रिंस, उप प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ने प्रदान किया। इस अवसर पर यूएई के उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और दुबई के शासक शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम भी मौजूद थे।
यूएई नेतृत्व ने क्रू की बहादुरी, पेशेवर क्षमता और यात्रियों की सुरक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की प्रशंसा की। साथ ही उन्होंने कहा कि लोगों की सुरक्षा और संरक्षण देश की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हैं।
अक्टूबर में इजरायल के राष्ट्रपति इसाक हर्जोग ने कैप्टन मच्छार को एक पत्र लिखकर उनकी बहादुरी की सराहना की थी। उन्होंने उनकी तुलना उन भारतीय सैनिकों से की, जिन्होंने एक सदी पहले पवित्र भूमि के शहरों को आजाद कराने के लिए अपने जीवन को जोखिम में डाला था।
हर्जोग ने उन्हें इजरायल, भारत और पूरी मानवता का नायक बताया। अपने पत्र में उन्होंने विमान को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने के लिए कैप्टन मच्छार का धन्यवाद किया और कहा कि उनके साहसिक कदम उनके मजबूत चरित्र को दर्शाते हैं।
पत्र में हर्जोग ने लिखा, "दर्द और खतरे के बावजूद स्थिति पर नियंत्रण बनाए रखना, अपनी जान पर आए संकट का सामना करना और सही निर्णय लेना आपके मजबूत चरित्र और असाधारण साहस को दिखाता है।"
इजरायली राष्ट्रपति ने यह घोषणा की कि कैप्टन मच्छार को, जिन्होंने विमान में हमलावर सह-पायलट का सामना किया और 174 लोगों की जान बचाने में मदद की, उनके स्वस्थ होने के बाद इजरायल का राष्ट्रपति नागरिक वीरता पुरस्कार दिया जाएगा। यह इजरायल का नागरिकों को दिया जाने वाला सर्वोच्च वीरता सम्मान है।
--आईएएनएस
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