गिफ्ट सिटी से लेकर सेमीकंडक्टर तक, सीएम भूपेंद्र पटेल ने अमेरिकी प्रवासियों के सामने विकास का रखा रोडमैप
न्यू जर्सी, 23 अगस्त (आईएएनएस)। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने अपने अमेरिका दौरे के सातवें दिन न्यू जर्सी में ‘गरवी गुजरात ग्लोबल न्यू जर्सी’ कार्यक्रम में गुजराती डायस्पोरा से राज्य की विकास यात्रा में भागीदार बनने का आह्वान किया।
साथ ही, मुख्यमंत्री ने यंग सीईओ मीट में युवा उद्यमियों और विभिन्न क्षेत्र के प्रतिनिधियों के साथ भी संवाद किया।
मुख्यमंत्री ने गुजराती डायस्पोरा के समक्ष गुजरात की विकास गाथा प्रस्तुत करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री के रूप में सेवा दायित्व संभालने के बाद हुई विकास यात्रा ने आज गुजरात को देश के ग्रोथ इंजन के रूप में स्थापित कर दिया है।
सीएम ने कहा कि जब 2001 में नरेंद्र मोदी ने गुजरात की बागडोर संभाली, तब राज्य के सामने अनेक चुनौतियां मुंह बाए खड़ी थीं। बिजली, पानी, सड़क, तटीय क्षेत्रों सहित विभिन्न समस्याओं से गुजरात को बाहर निकालकर विकास की नई दिशा देने का कार्य हुआ।
उन्होंने कहा कि गुजरात आज देश के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। देश के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का लगभग 6 प्रतिशत और आबादी का 5 प्रतिशत हिस्सा रखने वाला गुजरात देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में करीब 8.2 प्रतिशत योगदान देता है। हमारा लक्ष्य राज्य के इस योगदान को वर्ष 2030 तक 10 प्रतिशत से अधिक ले जाना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गुजरात ने केवल वर्तमान विकास को ध्यान में रखकर ही नहीं, बल्कि भविष्य को ध्यान में रखकर भी आयोजन किया है। वर्ष 2047 तक ‘विकसित गुजरात’ बनाने के लक्ष्य के साथ, राज्य ने एक विशेष रोडमैप तैयार किया है। गुजरात को छह जोन में बांटकर हर जोन के संभावित फोकस सेक्टर, वृद्धि की संभावनाएं और दीर्घकालिक विकास-उन्मुख लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं। इस रोडमैप को अब धरातल पर उतारने की दिशा में काम शुरू हो गया है।
मुख्यमंत्री ने गुजरात के दीर्घकालिक विजन का उदाहरण देते हुए कहा कि गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी (गिफ्ट सिटी) को वैश्विक फाइनेंस और फिनटेक सिटी बनाने की कल्पना वर्ष 2006-07 के आसपास की गई थी। उस समय इतनी दूरदर्शी कल्पना करना, गुजरात के विकास विजन को दर्शाता है। आज गिफ्ट सिटी वैश्विक स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बना रही है और इसका लाभ गुजरात के युवाओं सहित पूरे राज्य को मिल रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि देश की डिजिटल अर्थव्यवस्था में डाटा सेंटर का महत्व लगातार बढ़ रहा है। गुजरात ने इस क्षेत्र की संभावनाओं को समय रहते पहचानकर डाटा सेंटर पॉलिसी बनाई है और आने वाले समय में डाटा सेंटर क्षेत्र में भी गुजरात देश का नेतृत्व करे, उस दिशा में आयोजन किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में वर्ष 2001-02 में लगभग 1.85 लाख सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) थे, जो आज बढ़कर लगभग 27.9 लाख हो चुके हैं। एमएसएमई सेक्टर राज्य में उद्यमिता को बढ़ावा देने के साथ ही बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी सृजित कर रहा है।
गुजरात के औद्योगिक और निर्यात क्षेत्र के योगदान का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि गुजरात देश के कुल औद्योगिक उत्पादन में 17 प्रतिशत और देश के कुल निर्यात में 27 प्रतिशत का योगदान देता है। देश के कुल कार्गो हैंडलिंग में गुजरात की हिस्सेदारी करीब 40 प्रतिशत है।
वहीं, केमिकल उद्योग में गुजरात की हिस्सेदारी लगभग 33 प्रतिशत, फार्मा क्षेत्र में लगभग 30 प्रतिशत, मैन-मेड फाइबर उत्पादन में लगभग 50 प्रतिशत और डेनिम उत्पादन में लगभग 65 प्रतिशत है। गुजरात देश के फार्मा एक्सपोर्ट में लगभग 19.2 प्रतिशत और डायमंड एक्सपोर्ट में लगभग 80 प्रतिशत की हिस्सेदारी रखता है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि गुजरात स्टार्टअप क्षेत्र में भी लगातार अग्रणी रहा है और राज्य स्टार्टअप रैंकिंग में पिछले चार वर्षों से देश में पहले स्थान पर काबिज है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में गुजरात का पॉलिसी फ्रेमवर्क ‘मेक इन इंडिया’ और ‘मेक फॉर द वर्ल्ड’ के विजन को और मजबूत बनाता है। गुजरात की विकास यात्रा में पारदर्शिता और स्पष्ट नीतियों को महत्वपूर्ण आधारस्तंभ बताते हुए उन्होंने कहा कि प्रत्येक क्षेत्र के लिए सेक्टर-स्पेसिफिक पॉलिसी और निवेशकों के अनुकूल पॉलिसी फ्रेमवर्क तैयार किया गया है।
उन्होंने कहा कि ‘विकसित गुजरात 2026’ के लिए नई औद्योगिक नीति के जरिए राज्य में निवेश, उद्योग और रोजगार के लिए ज्यादा अनुकूल वातावरण बनाया गया है। सेक्टर-स्पेसिफिक नीतियों के अलावा नई औद्योगिक नीति भी इस प्रकार तैयार की गई है जिससे वह विभिन्न प्रकार के निवेशकों और उद्योगों के लिए अनुकूल सिद्ध हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास के लिए एक मजबूत वित्तीय आधार जरूरी है। गुजरात में प्रधानमंत्री मोदी के मुख्यमंत्री के रूप में कार्यकाल के दौरान वित्तीय अनुशासन और मजबूत वित्तीय प्रबंधन की नींव रखी गई। इसके परिणामस्वरूप आज गुजरात वित्तीय अनुशासन और प्रबंधन की दृष्टि से देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। उन्होंने कहा कि गुजरात को और भी मजबूत बनाने के लिए विकास और वित्तीय सक्षमता, दोनों को साथ लेकर राज्य आगे बढ़ रहा है।
आगामी वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट के 11वें संस्करण का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने अमेरिका और कनाडा में बसे गुजराती और भारतीय समुदाय को गुजरात में ऐसे निवेश के अवसरों का लाभ उठाने का आमंत्रण दिया।
यंग सीईओ मीट के दौरान मुख्यमंत्री ने अमेरिका में कार्यरत युवा उद्यमियों, सीईओ, टेक्नोलॉजी विशेषज्ञों और विभिन्न क्षेत्र के बिजनेस लीडर के साथ गुजरात के विकास और निवेश की संभावनाओं के बारे में विस्तार से संवाद किया। इस दौरान गुजरात में निवेश के लिए उपलब्ध अवसरों, राज्य की निवेशक-अनुकूल नीतियों और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर पर चर्चा हुई।
युवा उद्यमियों के साथ चर्चा में नई टेक्नोलॉजी, स्टार्टअप, फिनटेक, डिजिटल इकोनॉमी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), डेटा सेंटर, मैन्युफैक्चरिंग, फार्मास्युटिकल्स, सेमीकंडक्टर और अन्य उभरते क्षेत्रों में गुजरात में मौजूद संभावनाओं पर विशेष जोर दिया गया।
मुख्यमंत्री ने गुजरात में उद्योगों के लिए बनाए गए अनुकूल इकोसिस्टम, पारदर्शी नीतिगत ढांचा, कुशल मानवबल और विश्व स्तरीय कनेक्टिविटी की जानकारी देते हुए उपस्थित सभी युवा सीईओ को गुजरात के साथ नई साझेदारी और निवेश के अवसर तलाशने का आमंत्रण दिया।
--आईएएनएस
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