मणिपुर: कामजोंग में पिता-पुत्र समेत चार ग्रामीणों की हत्या, मुख्यमंत्री ने की घटना की निंदा
इंफाल, 25 सितंबर (आईएएनएस)। मणिपुर के कामजोंग जिले में शुक्रवार को पिता-पुत्र समेत चार लोगों के शव बरामद किए गए। आशंका है कि आतंकवादियों ने गोली मारकर उनकी हत्या की।
इस घटना की मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह और नगा समुदाय ने निंदा की है।
मृतकों की पहचान बेटरसन जाजो, वरेइशिम जाजो, उसके बेटे फामी जाजो और निंगथेम काशाक के रूप में हुई है।
इंफाल के अधिकारी ने बताया कि पुलिस और स्थानीय निवासियों की लंबी खोज के बाद कामजोंग जिला मुख्यालय से लगभग 34 किलोमीटर दूर, म्यांमार सीमा के पास एक सुनसान इलाके में स्थित पिलोंग गांव से गोली के निशान वाले शव बरामद किए गए।
स्थानीय निवासियों के मुताबिक, पड़ोसी म्यांमार से संदिग्ध उग्रवादियों ने भारत में घुसपैठ की और गुरुवार को पांच ग्रामीणों के एक समूह पर हमला किया। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों में से एक भागने में कामयाब रहा और उसने स्थानीय अधिकारियों को सूचना दी।
मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने तंगखुल के चार नागरिकों की हत्या की कड़ी निंदा की और शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की।
सोशल मीडिया पर पोस्ट में मुख्यमंत्री कार्यालय ने कहा, “हमारे समाज में हिंसा की ऐसी घटनाओं के लिए कोई जगह नहीं है और इन्हें बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
पोस्ट में मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिवारों के लिए शक्ति और सांत्वना की प्रार्थना भी की।
नगा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) के मणिपुर प्रदेश अध्यक्ष अवांगबो न्यूमाई ने भी हत्याओं की निंदा की और आरोप लगाया कि इस घटना के पीछे कुकी नेशनल आर्मी-बर्मा (केएनए-बी) के कार्यकर्ता थे। उन्होंने सभी समुदायों से हिंसा छोड़ने और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व बनाए रखने की अपील की।
प्रमुख नगा समुदाय संगठन तंगखुल नागा लोंग (टीएनएल) की कार्यकारी समिति ने आरोप लगाया है कि केएनए-बी के सशस्त्र कैडरों और अन्य सशस्त्र तत्वों ने म्यांमार की ओर से नाम्या नदी पार की और पिलोंग में नागरिकों पर हमला किया।
टीएनएल ने आरोप लगाया कि घटना के समय पिलोंग बस्ती में पांच नागरिक पहरा दे रहे थे, जिनमें से एक भागने में सफल रहा। संगठन ने इस घटना को कामजोंग जिले में भारत-म्यांमार सीमा पर नागा ग्रामीणों के खिलाफ सीमा पार हिंसा का तीसरा मामला बताया है।
टीएनएल ने यह भी आरोप लगाया कि सीमा पार घुसपैठ की बार-बार होने वाली घटनाओं ने ग्रामीणों के बीच गंभीर सुरक्षा चिंताएं पैदा कर दी हैं और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा स्थिति को लेकर राज्य सरकार और सीमा सुरक्षा बलों, जिनमें असम राइफल्स भी शामिल है, की आलोचना की है।
संगठन ने कहा कि नगा नागरिक समाज समूहों ने इस मुद्दे को बार-बार अधिकारियों के ध्यान में लाया था और सीमावर्ती संवेदनशील गांवों की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाने की मांग की थी।
पुलिस घटना की जांच कर रही है और आगे की जानकारी की प्रतीक्षा है। मणिपुर के पांच जिले चुराचंदपुर, तेंगनुपाल, चंदेल, कामजोंग और उखरुल म्यांमार के साथ 398 किलोमीटर लंबी बिना बाड़ वाली अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा करते हैं।
--आईएएनएस
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