पूर्व मंत्री सेम्मलाई ने अन्नाद्रमुक से और नेताओं के बाहर निकलने की जताई संभावना
सेलम, 1 अक्टूबर (आईएएनएस)। तमिलनाडु के पूर्व मंत्री एम. सेम्मलाई ने गुरुवार को अन्नाद्रमुक से आगे भी नेताओं के बाहर निकलने की संभावना जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी नेतृत्व कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज कर रहा है। सेम्मलाई ने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की प्रशंसा करते हुए उन्हें अच्छा व्यक्ति, निस्वार्थ नेता और सक्षम प्रशासक बताया।
सेम्मलाई बुधवार को तिरुप्पुर जिले के धारापुरम में आयोजित चुनावी रैली के दौरान अभिनेता से नेता बने विजय की मौजूदगी में टीवीके में शामिल हुए थे। मुख्यमंत्री ने पार्टी का शॉल ओढ़ाकर वरिष्ठ नेता का स्वागत किया था।
पार्टी बदलने के बाद सेलम में अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए सेम्मलाई ने कहा कि टीवीके में शामिल होने में देरी हुई, हालांकि उन्होंने इसका फैसला पहले ही कर लिया था। उन्होंने विजय को एक अच्छा और निस्वार्थ व्यक्ति बताते हुए कहा कि वह सक्षम प्रशासक हैं और खुद को हर परिवार का सदस्य बताकर लोगों के दिलों में जगह बनाने में सफल रहे हैं।
सेम्मलाई ने कहा कि वह विजय के उस फैसले से विशेष रूप से प्रभावित हुए, जिसमें उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्रियों सी.एन. अन्नादुरई और एम.जी. रामचंद्रन (एमजीआर) को अपना राजनीतिक मार्गदर्शक बताया है।
अन्नाद्रमुक छोड़ने के कारणों के बारे में उन्होंने आरोप लगाया कि 2017 के बाद से पार्टी में उचित नेतृत्व का अभाव रहा है और यह एडप्पादी के. पलानीस्वामी के नियंत्रण वाली "लिमिटेड कंपनी" बन गई है। उन्होंने दावा किया कि पार्टी कार्यकर्ताओं को वह सम्मान नहीं मिल रहा, जिसके वे हकदार हैं और इसी वजह से कई नेताओं ने पार्टी छोड़ दी।
उन्होंने कहा कि पार्टी में रह गए कई अन्य नेताओं को भी लग रहा है कि उनकी मेहनत बेकार जा रही है।
सेम्मलाई ने आगे और नेताओं के पार्टी छोड़ने का दावा करते हुए कहा कि अंततः अन्नाद्रमुक में लोगों की संख्या कम होती जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि एमजीआर की विरासत से जुड़े समर्थक विजय के राजनीतिक दृष्टिकोण और प्रशासन के तरीके से प्रभावित हो रहे हैं।
सेम्मलाई ने दावा किया कि विजय ने राजनीति में पैसे, जाति और धर्म के प्रभाव को चुनौती दी है। उन्होंने भ्रष्टाचार खत्म करने और रिश्वतखोरी पर अंकुश लगाने के विजय के वादों की भी सराहना की और इन्हें उनके नेतृत्व को स्वीकार करने के प्रमुख कारणों में शामिल बताया।
कई चुनाव लड़ चुके सेम्मलाई ने 1980 और 1984 के विधानसभा चुनावों में जीत दर्ज कर सेलम जिले की थारामंगलम सीट का प्रतिनिधित्व किया था। इसके बाद उन्होंने 2001 में ओमलूर से चुनाव जीता और स्वास्थ्य एवं शिक्षा मंत्री के रूप में कार्य किया।
वर्ष 2009 में उन्होंने अन्नाद्रमुक के टिकट पर सेलम लोकसभा सीट से जीत हासिल की। 2016 में वह तमिलनाडु विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर भी रहे। सेम्मलाई अन्नाद्रमुक के मुख्य प्रवक्ता के रूप में भी काम कर चुके हैं। विधानसभा चुनाव के बाद वरिष्ठ नेताओं के बीच मतभेदों के बीच उन्होंने मई में पार्टी से इस्तीफा दे दिया था।
सेम्मलाई का टीवीके में शामिल होना ऐसे समय हुआ है, जब 6 अक्टूबर को धारापुरम और मदुरांतकम विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनावों के लिए प्रचार अभियान तेज हो गया है।
--आईएएनएस
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