पूर्व मंत्री गोमति श्रीनिवासन समेत 2,500 नेताओं-कार्यकर्ताओं ने थामा टीवीके का दामन
चेन्नई, 20 जून (आईएएनएस)। तमिलनाडु की सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कड़गम (टीवीके) ने शनिवार को चेन्नई के पनैयूर स्थित पार्टी मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न राजनीतिक दलों के करीब 2,500 नेताओं और कार्यकर्ताओं को पार्टी की सदस्यता दिलाई। इनमें पूर्व एआईएडीएमके मंत्री गोमति श्रीनिवासन भी शामिल रहीं।
मुख्यमंत्री विजय के नेतृत्व वाली टीवीके ने हालिया तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में 108 सीटें जीतकर पहली बार सत्ता हासिल की थी। इसके बाद से पार्टी लगातार अपना संगठनात्मक विस्तार कर रही है।
कार्यक्रम में गोमति श्रीनिवासन ने वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में औपचारिक रूप से टीवीके की सदस्यता ग्रहण की। उनके अलावा फिल्म निर्देशक आर.वी. उदयकुमार और अभिनेता-राजनेता मंसूर अली खान, जो पहले एआईएडीएमके से जुड़े रहे हैं, उन्होंने भी पार्टी का दामन थाम लिया।
सदस्यता ग्रहण समारोह में टीवीके के महासचिव और मंत्री एन. आनंद के साथ मंत्री सेंगोट्टैयन, आधव अर्जुन और वेंकट रमनन भी मौजूद रहे। इस अवसर पर मंत्री आधव अर्जुन ने नए सदस्यों का स्वागत करते हुए कहा कि पार्टी उन्हें उचित सम्मान और आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करेगी।
इस दौरान कई पूर्व विधायक भी टीवीके में शामिल हुए। इनमें के.के. शिवासामी (अरुप्पुकोट्टई), एम.जी.एम. सुब्रमणि (तिरुवैयारु), शांति रामू (कुन्नूर) और वीरापांडियन (चेंगम) प्रमुख हैं।
इसके अलावा डीएमके युवा विंग के पूर्व पदाधिकारी वेंकटेशन, वलासरवक्कम नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष ई.सी. शेखर, पूर्व टैडको चेयरमैन कलैसेलवन और उद्योगपति वी.जी.पी. राजकुमार ने भी टीवीके की सदस्यता ली।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सत्ता में आने के बाद से विपक्षी दलों के नेताओं का लगातार टीवीके में शामिल होना पार्टी के बढ़ते प्रभाव का संकेत है। इससे पहले एआईएडीएमके के चार पूर्व विधायक भी इस्तीफा देकर विजय की पार्टी में शामिल हो चुके हैं।
विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान मुख्यमंत्री विजय ने चुनावी वादों को चरणबद्ध तरीके से लागू करने का आश्वासन दिया था। सत्ता में आने के बाद सरकार पात्र परिवारों को 200 यूनिट मुफ्त बिजली और किसानों के लिए फसल ऋण माफी योजना जैसी घोषणाएं कर चुकी है।
इस बीच, कुंबम से टीवीके विधायक और 'आवर पीपुल्स प्रोग्रेस पार्टी' के प्रमुख जगन्नाथ मिश्रा ने भी अपनी पार्टी का टीवीके में विलय कर दिया। उन्होंने विधानसभा चुनाव टीवीके गठबंधन के उम्मीदवार के रूप में लड़ा था और जीत हासिल की थी।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि नेताओं के लगातार शामिल होने और नए विलयों से टीवीके की संगठनात्मक ताकत और राज्य की राजनीति में उसकी पकड़ और मजबूत होगी।
--आईएएनएस
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