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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ग्लोबल कंपनियों के सीईओ को भारत में निवेश के लिए किया आमंत्रित

 

नई दिल्ली, 4 सितंबर (आईएएनएस)। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने न्यूयॉर्क में वैश्विक कंपनियों के सीईओ के साथ कई दौर की बातचीत कीं और उन्हें भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था में निवेश के लिए आमंत्रित किया। यह जानकारी शुक्रवार को सरकार की ओर से दी गई।

टिलमैन होल्डिंग्स के चेयरमैन और सीईओ संजीव आहूजा के साथ बैठक में वित्त मंत्री ने कहा कि हालिया बजट घोषणाओं सहित भारत की नीतिगत व्यवस्था डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर में निवेश को बढ़ावा देती है। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), क्लाउड कंप्यूटिंग, डिजिटल सेवाओं और एंटरप्राइज टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में तेजी से हो रही वृद्धि का भी जिक्र किया।

उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में डेटा सेंटर, हाई-कैपेसिटी नेटवर्क और भरोसेमंद बिजली इन्फ्रास्ट्रक्चर की मांग लगातार बढ़ रही है और टिलमैन जैसी कंपनियां भारत के डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास के अगले चरण में भाग लेने के लिए बेहतर स्थिति में हैं।

मार्श री के सीईओ डीन क्लिसुरा और कंपनी की रणनीति एवं कॉरपोरेट डेवलपमेंट प्रमुख देवांशु ध्यानी के साथ एक अन्य बैठक में वित्त मंत्री ने कहा कि भारत वैश्विक प्रोफेशनल-सर्विसेज और रिस्क-मैनेजमेंट कंपनियों को एक बड़ा घरेलू बाजार, कुशल प्रतिभा, तेजी से विस्तार करता इन्फ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल क्षमताएं और लगातार सुधारों की दिशा में बढ़ता कारोबारी माहौल उपलब्ध कराता है।

वहीं, मार्श री की टीम ने भारत सरकार के सुधार केंद्रीय दृष्टिकोण की सराहना की और कहा कि कंपनी भारत में अपनी मौजूदगी को और बढ़ाने एवं विस्तार करने की योजना बना रही है।

कंपनी ने कहा कि भारत एक समान अवसर वाला बाजार उपलब्ध कराता है और यहां अच्छा नियामक आईआरडीएआई मौजूद है।

मार्श री ने यह भी बताया कि उसने गिफ्ट सिटी पर अपना फोकस मजबूत किया है और वहां वित्तीय इकोसिस्टम के साथ उत्पादों और सेवाओं के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी भागीदारी बढ़ा रही है।

वित्त मंत्री की बीएनवाई मेलन के ग्रुप सीओओ एलेजांद्रो पेरेज के साथ बैठक में भारत की मजबूत विकास यात्रा और वैश्विक वित्तीय संस्थानों द्वारा भारत में और अधिक निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई।

पेरेज ने भारत के प्रति बीएनवाई मेलन की लंबे समय से चली आ रही प्रतिबद्धता और कंपनी की वैश्विक गतिविधियों तथा विकास रणनीति में भारत को एक महत्वपूर्ण बाजार के रूप में देखने की बात कही।

उन्होंने आईआईटी सहित प्रमुख भारतीय संस्थानों के साथ कंपनी की भागीदारी पर भी प्रकाश डाला। इसका उद्देश्य उच्च गुणवत्ता वाली प्रतिभाओं को विकसित करना और उन्हें बढ़ावा देना है।

उन्होंने कहा कि बीएनवाई मेलन के भारत में संचालन की भूमिका लगातार बदल रही है। भारत अब केवल एक डिलीवरी सेंटर के रूप में ही नहीं, बल्कि इनोवेशन, टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) सहित उन्नत क्षमताओं के लिए एक रणनीतिक वैश्विक हब के रूप में भी तेजी से उभर रहा है।

बैठक में भारत के बढ़ते वित्तीय इकोसिस्टम, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (जीसीसी) और गिफ्ट सिटी-आईएफएससी से पैदा होने वाले अवसरों पर भी चर्चा हुई।

केंद्रीय वित्त मंत्री ने बीएनवाई की टीम को गिफ्ट- आईएफएससी का दौरा करने और वहां उपलब्ध विभिन्न उत्पादों एवं सेवाओं के व्यापक अवसरों का पता लगाने के लिए आमंत्रित किया।

--आईएएनएस

एबीएस