वित्त मंत्री सीतारमण ने कनाडाई निवेशकों को भारत की विकास यात्रा में सक्रिय भागीदारी के लिए आमंत्रित किया
नई दिल्ली, 26 अगस्त (आईएएनएस)। केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण ने कनाडाई निवेशकों को भारत की विकास यात्रा में भागीदार बनने के लिए आमंत्रित किया। इस दौरान उन्होंने निवेशकों को बैंकिंग, बीमा, फिनटेक, सेमीकंडक्टर, दुर्लभ पृथ्वी तत्वों और अन्य उभरते क्षेत्रों में देश में मौजूद निवेश के अवसरों के बारे में बताया।
टोरंटो में भारतीय प्रवासी कारोबारी समुदाय के लिए आयोजित स्वागत समारोह को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि भारत के अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक मजबूत स्थिति में हैं और बैंकिंग क्षेत्र में महत्वपूर्ण निवेश हो रहा है।
वित्त मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि भारत का वित्तीय क्षेत्र, खासकर बैंकिंग और एनबीएफसी अंतरराष्ट्रीय निवेश आकर्षित कर रहा है।
वित्त मंत्री ने कहा कि भारत के इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विसेज सेंटर (आईएफएससी) गिफ्ट सिटी ने पहले ही कई विदेशी बैंकों को आकर्षित किया है और अधिक अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों के लिए यहां अपना कारोबार स्थापित करने की पर्याप्त संभावनाएं हैं।
उन्होंने कहा, "भारत सरकार की प्रतिबद्धता है कि हम चाहते हैं कि कनाडाई निवेशक भारत आएं और भारत के साथ अधिक व्यापक जुड़ाव स्थापित करें।"
वित्त मंत्री ने भारत की बड़ी आबादी, क्रय शक्ति, खपत और मांग को ऐसे प्रमुख कारकों के रूप में बताया, जो देश को निवेश के लिए आकर्षक गंतव्य बनाते हैं।
एक अन्य एक्स पोस्ट में वित्त मंत्री ने कहा कि भारत गिफ्ट सिटी के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय पूंजी के लिए नए रास्ते बना रहा है, जो अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों के लिए एक वैश्विक मंच के रूप में उभर रही है।
उन्होंने कहा कि गिफ्ट सिटी का नियामकीय और कर ढांचा विशेष रूप से सीमा-पार वित्तीय गतिविधियों को सुविधाजनक बनाने के लिए तैयार किया गया है।
इसके अलावा, अब बीमा क्षेत्र में 100 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की अनुमति है। वित्त मंत्री के अनुसार, बड़े पैमाने पर फिनटेक क्षेत्र में भारत का नेतृत्व वैश्विक पूंजी के लिए महत्वपूर्ण अवसर पैदा कर रहा है।
वित्त मंत्री ने सेमीकंडक्टर, मैग्नेट और दुर्लभ पृथ्वी तत्वों जैसे उभरते क्षेत्रों को भी कनाडाई निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण संभावनाओं वाले क्षेत्र बताया।
उन्होंने कहा, "भारत वैश्विक बाजारों के लिए भरोसेमंद और लागत प्रभावी आपूर्ति श्रृंखला के विकल्प भी उपलब्ध करा सकता है।"
वित्त मंत्री के अनुसार, कनाडाई संस्थागत निवेशकों के लिए ये अवसर केवल भारत की विकास यात्रा में भाग लेने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे भारत को व्यापक क्षेत्रीय और वैश्विक वित्तीय गतिविधियों के लिए एक मंच के रूप में भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
--आईएएनएस
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