रूसी डीजल लेकर पहला टैंकर दो से तीन दिनों में रवाना होगा: राष्ट्रपति पुतिन
सेंट पीटर्सबर्ग, 21 अक्टूबर (आईएएनएस)। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बुधवार को कहा कि रूसी डीजल ईंधन लेकर पहला टैंकर दो से तीन दिनों में रवाना होगा। इस टैंकर में 40 हजार टन डीजल होगा। पुतिन ने सेंट पीटर्सबर्ग के कॉन्स्टेंटिनोव्स्की पैलेस में अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ के साथ बैठक के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि रूस फिलहाल डीजल ईंधन से भरे कई टैंकरों की खेप भेजने की तैयारी कर रहा है।
समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, यह ईंधन वैश्विक बाजार और अमेरिकी बाजार के लिए है। क्रेमलिन के अनुसार, पुतिन ने 9 अक्टूबर को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ फोन पर बातचीत की थी। इस दौरान यूक्रेन संकट के समाधान की संभावनाओं पर विशेष रूप से चर्चा हुई थी। वैश्विक ऊर्जा क्षेत्र के घटनाक्रमों पर चर्चा के दौरान रूस ने अमेरिकी और वैश्विक बाजारों को तेल तथा पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति करने की अपनी तत्परता दोहराई थी।
इस बीच, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने मंगलवार को नॉर्वे के ओस्लो में विटकॉफ के साथ युद्धविराम के विभिन्न प्रारूपों से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा की। यूक्रेन की सरकारी समाचार एजेंसी उक्रिनफॉर्म के अनुसार, इस बैठक में नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गाहर स्टोर और फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब भी शामिल हुए। बैठक के बाद जेलेंस्की ने कहा कि बातचीत में यूक्रेन के लिए सुरक्षा गारंटी और देश के पुनर्निर्माण के मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
बैठक के बाद विटकॉफ रूस के सेंट पीटर्सबर्ग पहुंचे, जहां उन्होंने शांति प्रयासों पर चर्चा करने के लिए रूसी नेतृत्व से मुलाकात की। इस साल की शुरुआत में मध्य पूर्व में संघर्ष शुरू होने के बाद से वैश्विक ऊर्जा बाजार लगातार दबाव का सामना कर रहे हैं। इस संघर्ष के कारण ईंधन आपूर्ति प्रभावित हुई है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी ने इसे वैश्विक ईंधन बाजारों के इतिहास में आपूर्ति में आई 'सबसे बड़ी बाधा' करार दिया है।
पिछले सप्ताह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि ग्रीनलैंड में बड़े पैमाने पर तेल, गैस और खनिजों की खोज शुरू करने की तैयारी की जा रही है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा था कि विशेषज्ञों के अनुसार, आर्कटिक क्षेत्र में स्थित इस द्वीप में आसानी से निकाले जा सकने वाले तेल का भंडार दुनिया के लगभग किसी भी अन्य क्षेत्र की तुलना में काफी अधिक है। हालांकि, उन्होंने इसके समर्थन में कोई विशिष्ट अनुमान नहीं दिया और न ही खोज की योजनाओं का विस्तृत ब्योरा साझा किया।
ट्रंप ने यह भी कहा था कि भविष्य में अमेरिका पर होने वाला कोई भी हमला ग्रीनलैंड के रास्ते आ सकता है। उन्होंने दावा किया कि वहां अमेरिकी रक्षा व्यवस्था ड्रोन, मिसाइलों या किसी अन्य प्रकार के हथियार को मार गिराने में सक्षम होगी। ट्रंप की ये टिप्पणियां सितंबर के अंत में अमेरिका, डेनमार्क और ग्रीनलैंड के बीच हुए एक व्यापक समझौते के बाद आई थीं। इस समझौते का उद्देश्य ग्रीनलैंड में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी का विस्तार करना है।
यह समझौता ट्रंप की ओर से कई महीनों तक बनाए गए दबाव के बाद हुआ था। ट्रंप बार-बार डेनमार्क के स्वायत्त क्षेत्र ग्रीनलैंड को अपने नियंत्रण में लेने की बात कह चुके हैं। उन्होंने इसके लिए सैन्य या आर्थिक तरीकों के इस्तेमाल की संभावना से भी इनकार नहीं किया था। उनके इस प्रस्ताव का नाटो सहयोगियों और ग्रीनलैंड के लोगों ने कड़ा विरोध किया है।
--आईएएनएस
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