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त्योहारी खाने-पीने की चीजों में मिलावट: महाराष्ट्र एफडीए ने 64.45 करोड़ रुपए का स्टॉक जब्त किया

 

मुंबई, 5 नवंबर (आईएएनएस)। दीपावली के दौरान मिठाइयों और खोये की भारी मांग को देखते हुए, खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) के आयुक्त तुकाराम मुंढे ने गुरुवार को नागरिकों से सुरक्षा को लेकर एक अहम अपील की। ​​साथ ही, उन्होंने खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ पूरे राज्य में चलाए जा रहे एक बड़े अभियान के बारे में भी जानकारी दी।

जनस्वास्थ्य के प्रति नियामक की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए, आयुक्त मुंढे ने 1 सितंबर से 3 नवंबर के बीच की प्रवर्तन संबंधी आंकड़े प्रस्तुत किए।

इस सघन अभियान के दौरान, एफडीए अधिकारियों ने 9,667 खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया और नियमों के उल्लंघन के लिए 4,603 व्यवसायों पर जुर्माना लगाया।

कुल मिलाकर, 8,835 खाद्य नमूने एकत्र करके प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे गए। इसके परिणामस्वरूप 398 टन मिलावटी या असुरक्षित खाद्य सामग्री जब्त की गई, जिसका मूल्य 64.45 करोड़ रुपये है। इसके अलावा, इस कार्रवाई के दौरान प्रशासन ने 954 व्यावसायिक लाइसेंस भी निलंबित कर दिए।

आयुक्त मुंढे ने उपभोक्ताओं से त्योहारों के दौरान खरीदारी करते समय अत्यधिक सावधानी बरतने की अपील की। ​​उन्होंने नागरिकों को सलाह दी कि वे मिठाइयां केवल दो-तीन दिन की खपत के लिए ही खरीदें, न कि उन्हें लंबे समय तक रेफ्रिजरेटर में जमा करके रखें। उन्होंने खोये से बनी ऐसी मिठाइयां न खरीदने की भी चेतावनी दी, जो दुकानों में दो-तीन दिनों से अधिक समय से रखी हुई हैं।

एफडीए ने जनता को निर्देश दिया है कि वे मिठाइयां और दुग्ध उत्पाद केवल उन्हीं मान्यता प्राप्त दुकानों से खरीदें, जहां वैध एफडीए लाइसेंस प्रदर्शित हो। साथ ही, पैक की गई मिठाइयों, खोये, गिफ्ट हैम्पर, चॉकलेट और केक की पैकेजिंग पर निर्माण तिथि, एक्सपायरी डेट और लेबलिंग की अच्छी तरह जांच कर लें।

उपभोक्ताओं को यह भी सलाह दी गई है कि वे बिना लेबल वाले, एक्सपायर हो चुके, बहुत गहरे या भड़कीले रंगों वाले, या हानिकारक रासायनिक रंगों से तैयार किए गए उत्पादों को खरीदने से बचें। आयुक्त मुंधे ने जोर देकर कहा कि खाद्य पदार्थों को तैयार करने के लिए केवल निर्धारित सुरक्षा सीमाओं के भीतर आने वाले प्राकृतिक रंगों का ही उपयोग किया जा सकता है।

त्योहारी मिठाइयों पर फॉयल (वर्क) के व्यापक उपयोग को देखते हुए, आयुक्त मुंढे ने उपभोक्ताओं को इसकी जांच करने का एक आसान तरीका बताया।

उन्होंने चेतावनी दी, "चांदी या सोने के वर्क (फॉयल) से सजी मिठाइयों के मामले में विशेष सावधानी बरतें। असली चांदी की पहचान करने के लिए, वर्क के एक टुकड़े को अपने हाथ पर रगड़ें; अगर वह पूरी तरह से घुल जाए, तो वह असली चांदी है। अगर वह एक परत या पन्नी की तरह मुड़ जाए, तो वह एल्युमिनियम है। एल्युमिनियम का उपयोग करने वाले विक्रेताओं के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।"

एफडीए आयुक्त ने खुले या कच्चे दूध के बजाय पैकेट बंद दूध खरीदने की सलाह दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि घी और खाद्य तेलों में पशु चर्बी या रसायनों की मिलावट के मामले में 'जीरो टॉलरेंस' (सख्त कार्रवाई) की नीति अपनाई जाएगी। रेस्तरां संचालकों और सड़क किनारे खाना बेचने वालों को भी सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे तलने वाले तेल का बार-बार इस्तेमाल न करें।

मुंढे ने नागरिकों से मिलावट-मुक्त दीपावली मनाने में सहयोग करने की अपील की। ​​उन्होंने उपभोक्ताओं से कहा कि अगर उन्हें दूध, खाने के तेल, मिठाइयों, खोये या नमकीन में कोई संदिग्ध गतिविधि या गुणवत्ता में कमी दिखे, तो वे तुरंत एफडीए को इसकी सूचना दें, ताकि समय रहते कानूनी कार्रवाई की जा सके।

--आईएएनएस

एससीएच