रेणुकास्वामी हत्याकांड में फिर दर्ज होगा प्रदोष का बयान, दर्शन से जुड़े कई सवालों पर भी गवाही
मुंबई, 29 सितंबर (आईएएनएस)। रेणुकास्वामी हत्याकांड की सुनवाई के बीच आरोपी से सरकारी गवाह बने प्रदोष राव को मंगलवार को कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच बेंगलुरु की 59वीं सिटी सिविल एंड सेशंस कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट में प्रदोष का बयान लगातार दूसरे दिन दर्ज किया जा रहा है।
इससे पहले सोमवार को करीब तीन घंटे तक उनका बयान रिकॉर्ड किया गया था। अब मंगलवार को भी कोर्ट उनके बयान को आगे रिकॉर्ड करेगा। प्रदोष इस मामले में 29वें गवाह के तौर पर भी दर्ज हैं।
प्रदोष को सिटी आर्म्ड रिजर्व (सीएआर) और कामाक्षीपल्या पुलिस की सुरक्षा में कोर्ट लाया गया। उनकी गवाही को मामले की सुनवाई में अहम माना जा रहा है, क्योंकि वह पहले इस केस में आरोपी थे और बाद में कोर्ट की मंजूरी के बाद सरकारी गवाह बने हैं।
कोर्ट ने उन्हें सरकारी गवाह बनने की अनुमति कुछ शर्तों के साथ दी है। उन्हें मामले से जुड़ी पूरी और सच्ची जानकारी सामने रखनी होगी। अगर वह शर्तों का पालन नहीं करते हैं तो उन्हें दोबारा आरोपी माना जा सकता है।
मंगलवार को कोर्ट में प्रदोष से इस बात को लेकर सवाल-जवाब होने की उम्मीद है कि उनकी अभिनेता दर्शन से पहचान कैसे हुई, कथित हत्या के समय वह कहां थे और पट्टनगेरे के उस शेड में कौन-कौन मौजूद था, जहां अभियोजन के मुताबिक रेणुकास्वामी के साथ मारपीट की गई थी और बाद में उनकी मौत हुई।
उनकी गवाही में कथित तौर पर शव को ठिकाने लगाने, शव को दूसरी जगह ले जाने और इसके लिए 30 लाख रुपए दिए जाने की बात भी सामने आ सकती है।
इस दौरान स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर (सीपीपी) प्रसन्नकुमार कोर्ट में मौजूद रहेंगे। जेल में बंद अभिनेता दर्शन और पवित्रा गौड़ा के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कार्यवाही में शामिल होने की उम्मीद है। सोमवार को भी प्रदोष का बयान बंद कमरे में रिकॉर्ड किया गया था और करीब तीन घंटे की कार्यवाही के बाद इसे मंगलवार तक के लिए टाल दिया गया था।
प्रदोष को सरकारी गवाह बनाए जाने के फैसले को अभिनेता दर्शन की कानूनी टीम ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की तैयारी की है। दर्शन के वरिष्ठ वकील हशमत पाशा ने बताया कि उनकी टीम पहले ट्रायल कोर्ट में प्रदोष के सरकारी गवाह बनने का विरोध कर चुकी है। उनकी दलील स्वीकार नहीं होने के बाद अब सुप्रीम कोर्ट में स्पेशल लीव पिटीशन (एसएलपी) दाखिल की गई है।
दर्शन की टीम ने प्रदोष का बयान रिकॉर्ड करने की प्रक्रिया टालने की मांग भी की थी, लेकिन ट्रायल कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया।
प्रदोष ने अगस्त में सरकारी गवाह बनने के लिए आवेदन किया था। उन्होंने अपने आवेदन में मामले से जुड़ी पूरी जानकारी और अन्य आरोपियों की कथित भूमिका के बारे में सच बताने की पेशकश की थी। 16 सितंबर को कोर्ट ने उनकी अर्जी मंजूर कर उन्हें सरकारी गवाह बनाने का फैसला किया था।
--आईएएनएस
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