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केतन अग्रवाल हत्याकांड: चार्जशीट में बड़ा खुलासा, चैटजीपीटी और सोशल मीडिया का लिया गया सहारा

 

पुणे, 20 सितंबर (आईएएनएस)। पुलिस द्वारा दायर आरोपपत्र में खुलासा हुआ है कि सिया गोयल और उसके सह आरोपियों ने अपने मंगेतर केतन अग्रवाल की हत्या में फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट, चैटजीपीटी और हत्या के वीडियो का इस्तेमाल किया था।

एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, शनिवार को दायर 5,053 पन्नों के आरोपपत्र में जून में पुणे के लोहागढ़ किले में 26 वर्षीय व्यवसायी की मौत के पीछे की साजिश का विस्तृत विवरण दिया गया है।

अग्रवाल को 18 जून को उनकी मंगेतर सिया गोयल ने किले से धक्का दे दिया था, जिसमें उनके प्रेमी चेतन चौधरी और एक अन्य आरोपी रितेश हांगे ने उनकी मदद की थी। तीनों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

आरोपपत्र के अनुसार, आरोपियों ने पहले केतन अग्रवाल को गंभीर रूप से घायल करने की योजना पर चर्चा की थी और हमले को अंजाम देने के लिए महाराष्ट्र के बाहर से किसी को किराए पर लेने की संभावना पर भी विचार किया था।

पुलिस ने दावा किया कि बाद में यह योजना रद्द कर दी गई, क्योंकि उन्हें डर था कि भाड़े का हमलावर साजिश का पर्दाफाश कर सकता है या उनके लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, जांचकर्ताओं ने बताया है कि इस चरण के दौरान संपर्क किया गया एक व्यक्ति बाद में गवाह बन गया है।

आरोपपत्र के अनुसार, आरोपियों ने बाद में अग्रवाल की हत्या करने का फैसला किया और इसके लिए उन्होंने हत्या से संबंधित फिल्में देखीं और चैटजीपीटी का इस्तेमाल किया। उन्होंने अपनी तैयारियों के तहत पुलिस से बचने के तरीकों पर पॉडकास्ट भी सुने।

गोयल और उनके सह-आरोपियों ने पिछले साल मेघालय में हनीमून के दौरान हुए हत्याकांड पर भी शोध किया, जिसमें इंदौर निवासी राजा रघुवंशी की उनकी पत्नी सोनम ने राज्य के पूर्वी खासी हिल्स जिले में हनीमून के दौरान हत्या कर दी थी।

इसके अलावा, जांचकर्ताओं ने बताया कि अग्रवाल को किले में 'लुभाने' के लिए आरोपियों द्वारा परिचित एक महिला की तस्वीर का इस्तेमाल करके 'माही' नाम से एक फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट बनाया गया था।

इसके बाद, उस खाते से भेजे गए संदेशों में पीड़िता को गोयल के लिए जन्मदिन के सरप्राइज प्लान के तहत 18 जून को उस स्थान पर आने के लिए उकसाया गया।

चार्जशीट के अनुसार, फर्जी खाता रितेश हांगे द्वारा अग्रवाल को किले में लाने के लिए रची गई योजना का हिस्सा था। घटना के बाद खाता डिलीट कर दिया गया था। चार्जशीट में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने लोहगढ़ किले को चुनने से पहले लोनावला के आसपास के इलाकों की रेकी की थी।

जांचकर्ताओं के अनुसार, गोयल और चौधरी एकांत स्थान की तलाश में टाइगर प्वाइंट और अन्य स्थानों पर गए थे।

पुलिस ने बताया कि पिछले साल मार्च में किले में हुई एक मौत के कारण अंततः लोहगढ़ को चुना गया। आरोपियों को लगा कि वे अग्रवाल की मौत को उस स्थान पर एक दुर्घटना के रूप में दिखा सकते हैं।

--आईएएनएस

एएसएच/डीकेपी